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कबूतरों के आरामगाह बने सीसीटीवी कैमरे

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बावल में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे। - फोटो : Rewari
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बावल। कस्बे के बाजार में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चालीस लाख रुपये खर्च करके 24 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब ये शो पीस बनकर रह गए है। वहीं ये कबूतरों और अन्य पक्षियों के आरामगाह बने हुए हैं।
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आराम अंबेडकर पार्क, छोटूराम चौक, भगतराम चौक कटला बाजार सहित अन्य स्थानों पर 2018 में नगरपालिका प्रशासन ने व्यापारियों की सुरक्षा के लिए लगभग चालीस लाख रुपये की लागत से 24 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे।
अब कैमरों की स्थिति कुछ समय बाद देखरेख के अभाव में कबूतरों के बैठने तक सीमित रह गए हैं। बीते लंबे समय से बार-बार खराब होने से दुकानदारों में रोष है। इनकी विजिबिलिटी भी ठीक नही है। रात के समय कैमरों से ली गई फोटो भी साफ नही होती जिससे अपराधियों की ठीक से पहचान नहीं होती और वे घटना को अंजाम देकर निकल जाते हैं। नगरपालिका ने कैमरे लगवाकर पुलिस थाने में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया ताकि बाजार में होने वाली गतिविधियों पर पुलिस की नजर रहे। मरम्मत के लिए पुलिस और नगरपालिका के पास बजट नही है। दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं जिसका खामियाजा व्यापारियों और दुकानदारों को भुगतना पड़ता है। बावल थाना प्रभारी विद्यासागर ने कहा विभाग का काम सुरक्षा देखना है कैमरे खराब है तो मरम्मत करवाने का काम पुलिस का नही है, बजट नहीं होता।
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डॉ. राकेश ने कहा, जब सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे तो व्यपारियों को राहत मिली थी। पूरा बाजार पुलिस की निगरानी में है। अपराधी को पकड़ लिया जाता था। साल भर से कैमरे खराब है जल्द ही इनको ठीक करवाया जाए ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके। कैमरे तो सही होने चाहिए। स्कूल-कॉलेज की लड़कियां भी महफूज रहें, बाजार में सभी गतिविधियों पर कैमरे की नजर रहती है। अपराधी सौ बार सोचता है जल्द ही सीसीटीवी कैमरे ठीक करवाए जाएं। संवाद
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