रेवीड़ी शहर स्थित लार्ड शिवा सोसायटी में फ्लैट को बेचने के मामले में चल रही जांच के दौरान 2 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में सहायक रजिस्ट्रार कॉपरेटिव सोसायटी कार्यालय के 3 कर्मचारियों खिलाफ मॉडल टाउन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है! इन कर्मचारियों में नवल सिंह, जिले सिंह व उप अधीक्षक इंद्र सिंह शामिल है।
फर्जी कागजात और फर्जी साइन
शहर के सेक्टर-3 में लार्ड शिवा सोसायटी है। गांव तिहाड़ा निवासी नरेश कुमार इस सोसायटी में शुरूआती सदस्य थे। 7 नवंबर 2011 को सोसायटी के तत्कालीन सदस्यों ने उनकी सदस्यता को समाप्त करके कोसली निवासी कृष्णा यादव को उनकी सदस्यता ट्रांसफर कर दी थी। इस मामले में नरेश कुमार ने आरोप लगाए थे कि उनके फर्जी कागजात और फर्जी साइन करके उनकी सदस्यता और फ्लैट को ट्रांसफर किया गया।
नरेश कुमार की तरफ से शिकायत दिए जाने के बाद तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार प्रवीण कुमार कादियान ने 7 जनवरी 2022 को रिपोर्ट दी थी कि कागजातों पर नरेश कुमार के साइन सही हैं और नियमों का पालन करके ही उनके फ्लैट को ट्रांसफर किया गया है। नरेश कुमार को सोसायटी की सदस्यता का कोई हक नहीं है। इस मामले की जांच एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के पास चली गई जिन्होंने मामले में उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के नेतृत्व में टीम गठित करके रिपोर्ट मांगी थी।
इसी मामले को लेकर नरेश कुमार के साले मुख्तयार सिंह ने रजिस्ट्रार कार्यालय गुरुग्राम के डिप्टी सुपरीटेंडेंट इंद्र सिंह, सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय रेवाड़ी के क्लर्क नवल व क्लर्क जिले सिंह से बातचीत की। आरोप है कि इन लोगों ने इस मामले का फैसला नरेश कुमार के पक्ष में कराने की एवज में दो लाख रुपए की रिश्वत ली। इसको लेकर बकायदा वाट्सएप चैट भी की। वाट्सएप चैट में अधिकारियों तक को मैनेज करने की बात है।
सहकारिता मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे जिसके बाद ज्वाइंट रजिस्ट्रार योगेश शर्मा ने साक्ष्यों के आधार पर इन तीनों कर्मचारियों को दिसंबर 2022 में सस्पेंड कर दिया। साथ ही FIR के भी आदेश जारी किए थे। अब तीनों कर्मचारियों पर केस दर्ज कर लिया गया है।