रेवाड़ी। रोडवेज रेवाड़ी डिपो ने बीएस-6 बसों को मंगाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। इसके लिए रेवाड़ी डिपो से बीएस-4 की 25 और बसें अंबाला और यमुनानगर डिपो में भेजी जा रही हैं। इनमें से 20 बसें अंबाला और 5 बसें यमुनानगर भेजी जाएंगी। नई बीएस-6 बसों का मंगाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
इससे पहले रेवाड़ी डिपो से 10 बसें कैथल और 7 बसें सिरसा भेजी जा चुकी हैं। इन बीएस-4 बसों के जाने से डिपो में बसों की संख्या कम हो जाएगी, जिसका सीधा असर लोकल रूटों पर पड़ सकता है। हालांकि, अधिकारी नई बसें आने का दावा कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार दूसरे जिलों में भेजी जा रही बसें बीएस-4 मॉडल की हैं। इनके जाने के बाद डिपो के पास अब केवल 143 बसें ही बचेंगी।
चालकों का कहना है कि एक साथ 25 बसों के कम होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोकल रूटों पर बसों के फेरे घट सकते हैं। इसका सीधा असर दैनिक यात्रियों, खासकर कॉलेज और ऑफिस जाने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
लोकल रूटों पर हो सकती है समस्या
रोडवेज के मुताबिक दूसरे जिलों में भेजी जाने वाली बीएस 4 की 25 बसें लोकल रूटों पर चलती थीं। इनमें महेंद्रगढ़, नारनौल, झज्जर, कोसली, बावल, धारूहेड़ा, पटौदी समेत कई ग्रामीण रूट भी शामिल हैं। ग्रामीण रूटों पर रात के समय भी इन बसों को ले जाया जाता था, जहां पर सुबह गांवों से यात्रियों को लेकर रेवाड़ी शहर में यह बसें आती थीं। अब एक साथ 25 बसें भेजने से फेरे कट सकते हैं। इसके अलावा दिन में चलने वाले लोकल रूटों पर भी सवारियों का इंतजार बढ़ सकता है। क्योंकि अभी तक नई बसें आई नहीं है। विभाग का दावा है कि नई बसें आएंगी, लेकिन अभी तक यह तय नहीं है इनके आने में कितना समय लग सकता है।
वर्जन
बीएस-4 बसों को भेजना शुरू कर दिया है। इसके बाद नई बसें आएंगी। इसके बाद यात्रियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। वर्तमान में भी यात्रियों को परेशानी नहीं है। व्यवस्था बेहतर तरीके से बनाई गई है।-निरंजन शर्मा, जीएम रोडवेज रेवाड़ी।