रेवाड़ी। जिले में शुक्रवार को भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में दर्ज किया गया है। अधिकतम प्रदूषण का स्तर 329 दर्ज किया गया है। वीरवार को अधिकतम प्रदूषण का स्तर 322 दर्ज किया गया था। प्रशासन की भी कोई खास तैयारी देखने को नहीं मिल रही है। कार्य तो किया जा रहा है मगर वह भी अभी नाकाफी है।
जिस तरह से अभी प्रदूषण का स्तर दर्ज किया जा रहा है, उसके लिए दिन-रात पानी का छिड़काव और एंटी स्मॉग गन चलाने की आवश्यकता है। अभी ग्रैप 2 की पाबंदियां लागू हैं। अभी जो एक्यूआई दर्ज किया जा रहा है, ग्रैप 3 की पाबंदी जरूरी है।
मंगलवार को प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक 412 दर्ज किया गया था। एक्यूआई अधिक होने से डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है। साथ ही प्रदूषण सांस की बीमारियां जैसे अस्थमा, सीओपीडी और ब्रोंकाइटिस का कारण भी बन रही है। वहीं, इससे आंखों की समस्यां जैसे पानी आना, आंखों में लालीपन हो सकता है। इन दिनों अस्पताल में ऐसे मरीज बढ़े भी हैं।
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27 अक्तूबर तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने 27 अक्तूबर तक मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि इस दौरान दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है जबकि रात का तापमान हल्का घटने के आसार हैं। उत्तर और उत्तर-पश्चिमी दिशाओं से हल्की से मध्यम गति की हवाओं का प्रवाह बना रहेगा। इससे न केवल मौसम में बदलाव आएगा बल्कि किसानों को अपनी फसल संबंधी गतिविधियों को योजना अनुसार संचालित करने में मदद मिलेगी। विभाग ने अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है।
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प्रदूषण का बताया ये कारण
धारूहेड़ा नगरपालिका सचिव सुमित कुमार ने बताया कि नगरपालिका की टीम ने सोहना रोड, दिल्ली रोड, भगत सिंह चौक और मेन बाजार समेत शहर की सभी प्रमुख सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलर मशीनों और टैंकरों के माध्यम से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। कस्बे में प्रदूषण का प्रमुख कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कायों से उड़ने वाली धूल और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषण व दीपावली की आतिशबाजी है।
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पिछले 5 दिनों का प्रदूषण का स्तर
तारीख प्रदूषण का स्तर
24 अक्तूबर 329
23 अक्तूबर 322
22 अक्तूबर 405
21 अक्तूबर 412
20 अक्तूबर 305