संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पुस्तकों को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। विद्यार्थियों को समय से पुस्तकें मुहैया करा दी जाएंगी।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर नया सत्र शुरू होने से पहले पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों का विवरण मांगा है। डीईईओ कार्यालय की ओर से रिपोर्ट बनाकर निदेशालय को भेज दी गई है। अब उम्मीद है कि विद्यार्थियों को अप्रैल-मई में ही पाठ्यक्रम पुस्तकें उपलब्ध हो सकेंगी। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बाल वाटिका सहित पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को किताबों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिले में पहली से आठवीं कक्षा के 398 से अधिक राजकीय स्कूल हैं, जिसमें करीब 17 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है। जिले के राजकीय विद्यालयों में कक्षा एक में 2346, दो में 2640, तीन में 3943, चार में 5029 और कक्षा पांच में 5310 बच्चे हैं।
शिक्षा निदेशालय की ओर हर बार अप्रैल व मई में पाठ्यक्रम पुस्तकें उपलब्ध करवाने के लिए विद्यार्थियों का डाटा मांगा जाता था, जिसे मिलने में अतिरिक्त डेढ़ से दो माह का समय लग जाता था। विद्यार्थियों को 4 से 5 माह तक बिना किताबों के ही पढ़ाई करनी पड़ती थी। इसके कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब इस समस्या के समाधान के लिए शिक्षा निदेशालय ने करीब तीन माह पहले ही किताबों के लिए यह प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में पाठ्य पुस्तकें मुहैया करवाने के लिए जानकारी मांगी थी, जो भेज दी है। उम्मीद है कि नए सत्र में विद्यार्थियों को किताबें मुहैया हो सकेंगी ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आए।- कपिल पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी ।