नहर में डूबे 16 वर्षीय पांडू का शव 17 घंटे बाद बरामद किया गया। शव मिलते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के सदस्य नहर किनारे डेरा डाले बैठे थे और बेटे के सकुशल मिलने की उम्मीद कर रहे थे, मगर होनी को कुछ और ही मंजूर था।
हिसार जिले के गांव सिंगराण निवासी 16 वर्षीय पांडू अपने परिवार के साथ गांव-गांव फेरी लगाकर जीवनयापन करता था। वह इन दिनों कोसली क्षेत्र में रह रहा था। शुक्रवार दोपहर को पांडू अपने परिजनों के साथ गांव नाहड़ के पास से गुजर रही जवाहरलाल नेहरू कैनाल में नहाने के लिए उतरा था।
नहर में उतरने के लिए पुल की रेलिंग से रस्सी बांधी गई थी लेकिन जैसे ही पांडू पानी में उतरा, अचानक रस्सी टूट गई और वह तेज बहाव में बह गया। बेटे को बहते देख परिजनों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे और किशोर को बचाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
सूचना मिलने पर नाहड़ चौकी प्रभारी अरविंद यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और फायर ब्रिगेड की टीम की मदद से किशोर की तलाश शुरू की गई। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई।
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गुरुग्राम से विशेष गोताखोरों को बुलाया
गुरुग्राम के भोंडसी क्षेत्र से विशेष गोताखोरों की टीम को बुलाया गया था। शनिवार सुबह करीब छह बजे टीम ने फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब दस बजे पांडू का शव नहर से बरामद कर लिया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिवार शव को अपने पैतृक गांव लेकर रवाना हो गया।
प्रशासन को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए
इस हादसे ने एक बार फिर नहरों में नहाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहरों में तेज बहाव के चलते इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
वर्जन
शुक्रवार को किशोर नहर में डूबा था। देर शाम तक किशोर नहीं मिल पाया था। उसके बाद शनिवार को सुबह से ही टीम ने किशोर को ढूंढने के प्रयास शुरू कर दिए थे। नहर में डूबे किशोर का शव शनिवार सुबह करीब दस बजे बरामद कर लिया गया था।
अरविंद यादव, चौकी प्रभारी, नाहड़