संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। गांव भाकली में रविवार की रात बीरेंद्र की गोली मारकर की गई हत्या के चार आरोपियों गांव बोहतवास भोंदू निवासी विनय कुमार, भाकली निवासी दीपक, राहुल उर्फ सीडी और कुलदीप को पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है। इनमें राहुल उर्फ सीडी पर सात मामले दर्ज हैं।
आरोपी कुलदीप पर भी कई मामले चल रहे हैं। पुलिस ने मौके से दो कारतूस व दो खोखा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर उन्हें तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। सभी आरोपी कोसली से पकड़े गए।
डीएसपी कोसली विद्यानंद ने बताया कि गांव भाकली निवासी आशा ने शिकायत में बताया था कि उनका बेटा पवन आर्मी में पठानकोट में तैनात है। वह 7 जून को खेल की प्रैक्टिस में शामिल होने के लिए हिसार आया था। इसके बाद वह रविवार को ताऊ पूर्णसिंह के घर पर कुआं पूजन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांव आया था।
पवन को ड्यूटी पर लौटना था। ऐसे में बीरेंद्र पुत्र पवन को कोसली स्टेशन पर छोड़कर घर लौट रहे थे। गांव के श्मशान घाट के पास भाकली निवासी भरत उर्फ राहुल उर्फ बाबा, उसका भाई दीपक, राहुल उर्फ सीडी, गांव भोतवास भोंदू निवासी राहुल व विनय ने रंजिश में बीरेंद्र को रोक कर मारपीट की।
हमलावर मार्च में शादी समारोह में डांस करने से मना करने को लेकर बीरेंद्र से रंजिश रखते थे। हमलावरों से बचकर बीरेंद्र घर की तरफ भागकर आ गए। आरोपियों ने गाड़ी से पीछा कर घर तक पहुंचे और बीरेंद्र को मारने लगे।
आरोपियों ने बीरेंद्र पर कुल्हाड़ी से वार किया और फिर गोली मारकर बीरेंद्र की हत्या कर दी। बीचबचाव करने गए परिवार के लोगों से भी हमलावरों ने मारपीट की। गली के लोगों ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी मौके से फरार हो गए।
आरोपी पवन के जाने का इंतजार कर रहे थे ताकि वारदात को अंजाम दिया जा सके। पवन ने जब पिता के घर पहुंचने की जानकारी लेने के लिए फोन किया तो फोन पर झगड़े की आवाज सुनाई दी। इसके बाद पवन घर पहुंच गए। आरोपियों ने पवन के हाथ पर डंडे से वार कर किया।
मार्च में शादी समारोह में विवाद के बाद गांव के प्रतिष्ठित लोगों ने बैठककर दोनों पक्षों को समझाया था लेकिन 8 जून को कुआं पूजन में दोनों पक्ष आमने-सामने हुए तो झगड़ा बढ़ गया।
पिस्तौल देने वाले की तलाश कर रही पुलिस
हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस यह पता करने में जुटी है कि जिस पिस्तौल से बीरेंद्र को गोली मारी गई थी, वह आरोपियों के पास कहां से आई थी। पुलिस पिस्तौल देने वाले आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में अन्य लोगों की अगर संलिप्तता पाई जाती है तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। बीरेंद्र ने 3 महीने पहले पड़ोस में रहने वाले दीपक को शादी में डांस करने से रोका था। यहीं से विवाद शुरू हुआ था। अगले दिन दीपक ने अपने भाई भरत उर्फ राहुल के साथ मिलकर बीरेंद्र के साथ मारपीट की थी। मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।