भिवाड़ी। भिवाड़ी में पानी के बिलों का अंबार लगा है। हालात ये हैं कि 25 साल पुराने बकाया की रकम 2.74 करोड़ रुपये पहुंच गई है। इसके बावजूद न तो कनेक्शन काटे गए और न ही डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर कोई ठोस कार्रवाई की गई।
इसके चलते औसतन 250 रुपये का मामूली बिल समय के साथ बढ़कर हजारों, लाखों और अब करोड़ों रुपये के बकाया में तब्दील हो गया है। जलदाय विभाग प्रत्येक उपभोक्ता का औसतन 250 रुपये का बिल हर दो माह में जनरेट करता है।
इसके बावजूद वर्षों तक भुगतान न होने से बकाया राशि का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ता गया। फरवरी 2026 तक जलदाय विभाग और बीडा को मिलाकर कुल बकाया राशि करीब 2.74 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
इसमें बीडा का पिछला बकाया ही लगभग 2.32 करोड़ रुपये है। अगस्त 2022 में बीडा ने पूरा ब्यौरा जलदाय विभाग को सौंप दिया था, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी रिकवरी नहीं हो सकी।
शहर की स्थिति यह है कि कई आवासीय क्षेत्रों, कॉलोनियों और कुछ कॉमर्शियल कनेक्शनों पर भारी बकाया होने के बावजूद नियमित रूप से पानी की सप्लाई जारी है। इससे समय पर बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं में भी नाराजगी बढ़ रही है।
उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 4 हजार
आंकड़ों के मुताबिक अकेली भगतसिंह कॉलोनी में करीब 417 उपभोक्ताओं के पानी के बिल बकाया हैं जबकि पूरे शहर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 4 हजार है। भगतसिंह कॉलोनी में रामबाबू के नाम से दर्ज कनेक्शन में मकान नंबर 76 पर 70,566 रुपये और मकान नंबर 77 पर 70,246 रुपये बकाया हैं। इसी कॉलोनी में हरीश बेकरी पर 46,136 रुपये, दासीम इलेक्ट्रिकल पर 60,481 रुपये, अरुण कुमार पर 63,236 रुपये, रेणू मलिक पर 73,674 रुपये और अजय कुमार पर 67,574 रुपये का बकाया चल रहा है।
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विभाग में कुछ माह के बकाया पर तुरंत कनेक्शन काटने का प्रावधान नहीं है। हर वर्ष जारी होने वाले नोटिसों के बाद कुछ हद तक रिकवरी हो जाती थी। इस बार भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। 20 फरवरी तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया तो कनेक्शन काटे जाएंगे।
- धर्मेंद्र यादव, अधिशाषी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।