भिवाड़ी। महिला थाना पुलिस ने झूठे बलात्कार, दहेज प्रताड़ना और यौन उत्पीड़न के मामलों में शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच के बाद कोर्ट में इस्तगासा पेश कर रही है ताकि झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
थानाधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि झूठे केस न केवल पुलिस का बहुमूल्य समय और संसाधन बर्बाद करते हैं, बल्कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है और निर्दोष व्यक्तियों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
पुलिस की जांच में दो प्रमुख मामले पूरी तरह झूठे पाए गए हैं जिनमें अलवर निवासी महिला शामिल है। अलवर की एक महिला ने भिवाड़ी के एक व्यक्ति पर कई महीनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म, परिवार को जान से मारने की धमकी, शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। अब महिला थाना पुलिस ने भिवाड़ी कोर्ट में महिला के खिलाफ इस्तगासा पेश किया है और भारी जुर्माना लगाने की मांग की है।