रेवाड़ी। नवरात्र से पहले जीएसटी दरों में सुधार का असर बाजार में नजर आने की उम्मीद व्यापारियों ने जताई है। छोटे वाहनों, इलेक्ट्रिक वस्तुओं और किराना की वस्तुओं पर जीएसटी घटने से इनसे जुड़े कारोबारियों में उत्साह है। जीएसटी में कमी और ऑफर के चलते त्योहारी सीजन में छोटी गाड़ियों की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में छोटे पेट्रोल-डीजल वाहनों पर जीएसटी 29% से घटकर 18% किए जाने से इनकी कीमतें घटेंगी। इससे मास सेगमेंट की सभी गाड़ियों के दामों में कमी हो सकती है।
एक कार शोरूम के मैनेजर राहुल सिंह का कहना है कि नवरात्र पर गाड़ियों की बुकिंग रिकॉर्ड स्तर होने की उम्मीद है। कंपनियां और डीलर दोनों गाड़ियां निकालना चाहते हैं। ऐसे में जीएसटी में कमी और ऑफर्स से गाड़ियों का बेहतर कारोबार हो सकता है। ऑटो पार्ट्स बनाने वाली इकाइयों को ऑर्डर बढ़ने की उम्मीद है।
टीवी, एसी, वॉशिंग मशीन जैसे उपकरणों पर भी टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इलेक्ट्रिक शोरूम संचालक विनय यादव का कहना है कि नवरात्र में हमेशा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अधिक बिकते हैं। इस बार कीमतों में कमी होने से बेहतर कारोबार होगा।
दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बिक्री बढ़ेगी
साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, बटर, पनीर और जूस जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा। बाजारों में किराना का कारोबार कारोबार बहुत बड़ा है। थोक व्यापारी लोकेश, राजू और पंकज का कहना है कि नवरात्र में मांग हर साल बढ़ती है, लेकिन इस बार कीमतें घटने से ऑर्डर में 20-25% तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस बार उम्मीद है कि कारोबार बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने हाल ही में व्यापक सुधार करते हुए टैक्स स्लैब को सरल और उपभोक्ता हितैषी बना दिया है। जीएसटी 2.0 कहे जा रहे इस इस बदलाव का असर पूरे त्यौहारी बाजार पर दिखेगा। कीमतें घटेंगी, खपत बढ़ेगी और कारोबारियों को भी राहत मिलेगी। नए ढांचे के तहत जीएसटी की चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर अब सिर्फ दो प्रमुख स्लैब 5% और 18% कर दिया गया है।