रेवाड़ी। खेल नर्सरियों में अब खिलाड़ियों की उपस्थिति बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत खेल विभाग ने 34 बायोमीट्रिक मशीनें मंगाई हैं, जो खेल नर्सरियों में लगाई गई है।
अगर कोई खिलाड़ी हर महीने कम से कम 22 दिन उपस्थिति दर्ज नहीं कराता तो उसे खुराक भत्ता नहीं दिया जाएगा। यह नियम न केवल खेल विभाग के अधीन आने वाले केंद्रों पर लागू होगा, बल्कि निजी संस्थानों, पंचायतों और राजकीय स्कूलों में संचालित खेल नर्सरियों पर भी समान रूप से लागू किया गया है।
खेल विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि खिलाड़ियों में अनुशासन और नियमितता भी आएगी। इस वर्ष जिले में कुल 50 खेल नर्सरियां आवंटित की गई थीं, जिनमें से केवल 34 ही वर्तमान में सक्रिय हैं।
बाकी नर्सरियां समय पर उपस्थिति और भत्ते में अनियमितता के कारण बंद हो चुकी हैं। खिलाड़ियों को आठ से 14 वर्ष आयु वर्ग में 1500 और 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग में 2 हजार रुपये मासिक खुराक भत्ता देने का प्रावधान है।
वर्जन
अब सभी खेल नर्सरियों में उपस्थिति सिर्फ बायोमीट्रिक के माध्यम से ही मान्य होगी। मशीन की खरीद और इंटरनेट की व्यवस्था संबंधित संस्था या प्रबंधन को करनी है। प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों की उपस्थिति की निगरानी जिला और उच्च मुख्यालय स्तर पर की जाएगी। उसी आधार पर खुराक भत्ता व मानदेय दिया जाएगा।-ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी।