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किसान आंदोलन के चलते बरेली-भुज एक्सप्रेस पौने दो और जम्मूतवी ढाई घंटे फंसी

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रेवाड़ी-जयपुर रेलमार्ग पर अजरका स्टेशन पर रेलवे लाइन्‍ पर बैठे किसान। संवाद - फोटो : Rewari
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कृषि कानूनों के विरोध में वीरवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। किसानों के आंदोलन की वजह से जहां श्रीगंगानगर एक्सप्रेस को रद्द करना पड़ा, वहीं जम्मूतवी-जैसलमेर और बरेली-भुज एक्सप्रेस को रेवाड़ी जंक्शन पर रोक दिया गया इन ट्रेनों को क्रमश: सवा चार बजे और चार बजकर 42 मिनट पर रवाना किया गया। किसानों के ट्रैक पर बैठने से ट्रेन में सवार यात्रियों को तीन घंटे से ज्यादा रेवाड़ी जंक्शन पर गुजारना पड़ा।
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जानकारी के लिए श्रीगंगानगर पैसेंजर रेवाड़ी से दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर हिसार होते हुए श्रीगंगानगर के लिए प्रस्थान करती है, लेकिन किसानों के ट्रैक पर बैठने से वीरवार को इसे रद्द करना पड़ा। वहीं जम्मूतवी दोपहर डेढ़ बजे और बरेली-भुज 2 बजकर 10 मिनट पर रेवाड़ी जंक्शन पर पहुंच गई थीं, लेकिन दिल्ली-जयपुर रेल मार्ग पर अजरका जंक्शन पर दोपहर 12 से चार बजे तक किसानों का धरना चलने के कारण दोनों ट्रेनों को रेवाड़ी जंक्शन पर ही रोकना पड़ा।
वहीं रेवाड़ी-रोहतक मार्ग पर भी किसानों ने पाल्हावास के पास धरना दिया जिसकी वजह से इस ट्रैक पर किसी भी ट्रेन के निकलने का समय नहीं था। आंदोलन को देखते हुए सुबह से ही रेवाड़ी जंक्शन के अलावा विभिन्न स्थानों पर आरएएफ, आरपीएफ, जीआरपी व रेवाड़ी पुलिस के जवानों की तैनाती कर दी गई थी।
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अजरका में महिलाएं भी प्रदर्शन में नहीं रहीं पीछे
कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने 12 से 4 बजे तक रेल रोकने का आह्वान किया था। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 13 दिसंबर से धरने पर बैठे किसानों ने ठीक 12 बजे दिल्ली-जयपुर रेलमार्ग पर अजरका की सीमा में डेरा जमाया। किसानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी ट्रैक पर दिखीं। ढोल नगाड़ों की थाप पर काफी देर तक कृषि कानूनों के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान आंदोलनकारी किसानों तक कोई भी ट्रेन नहीं पहुंची। आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने 12 बजे के ठीक बाद ही ट्रेनों को विभिन्न स्थानों पर रोक दिया। बावल के समीप प्राणपुरा में रेलवे की तरफ से भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी, लेकिन किसान हरियाणा की सीमा में एकत्रित जरूर हुए, पर राजस्थान के असरका की सीमा में रेलवे ट्रैक पर बैठे रहे। चार घंटे बाद ठीक चार बजे किसानों ने रेलवे ट्रैक को खाली कर दिया।
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