फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: आईजीयू में शुरू होगा बैचलर ऑफ फिजिकल साइंसेज कार्यक्रम

Thu, 28 May 2026 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से फैकल्टी ऑफ फिजिकल साइंसेज के अंतर्गत बैचलर ऑफ फिजिकल साइंसेज कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय में पहली बार फिजिकल साइंसेज विषय में तीन वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम आरंभ किया जा रहा है, जिससे विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों को नए अवसर प्राप्त होंगे।
इस बहुविषयक पाठ्यक्रम में प्रारंभिक रूप से 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी आईजीयू वेबसाइट पर जाकर 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं अथवा समकक्ष परीक्षा भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं, जबकि हरियाणा के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 47.5 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया 10+2 की मेरिट के आधार पर पूरी की जाएगी।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे मूलभूत विज्ञान विषयों में मजबूत आधार प्रदान करेगा। साथ ही विश्लेषणात्मक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और अनुसंधान आधारित दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होगा। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थी एमएससी, इंटीग्रेटेड पीएचडी तथा शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त विज्ञान के उन्नत शोध कार्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से विद्यार्थियों को इसरो, डीआरडीओ जैसी संस्थाओं में रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इसके अलावा शिक्षण, डेटा विश्लेषण, तकनीकी लेखन और वैज्ञानिक अधिकारी जैसे क्षेत्रों में भी करियर की संभावनाएं रहेंगी।
विज्ञापन

फैकल्टी ऑफ फिजिकल साइंसेज की डीन प्रोफेसर रश्मि पुंडीर ने बताया कि पाठ्यक्रम को सिद्धांत, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण और कम्प्यूटेशनल टूल्स के संतुलित समावेश के साथ तैयार किया गया है। इसमें मटेरियल साइंस, नैनो टेक्नोलॉजी, पर्यावरण विज्ञान और एआई आधारित वैज्ञानिक मॉडलिंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें