संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस वर्ष अब तक डेंगू के 14 और मलेरिया के 7 केस मिले हैं।
अगर पहले जागरूकता अभियान चलाया गया होता तो शायद डेंगू व मलेरिया पर नियंत्रण पाया जा सकता था। स्वास्थ्य विभाग को जागरूकता अभियान शुरू करने की याद जुलाई में आई है।
डेंगू के प्रति जागरूकता अभियान के तहत ग्राम पंचायत और नगरपरिषद की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग करवाई जाएगी। साथ ही लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के उपाय बताए जाएंगे।
राजकीय विद्यालयों में प्रश्नोत्तरी, चित्रकला तथा भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता महिलाओं को डेंगू और मलेरिया के प्रति जागरूक करते हुए उनको बचाव के उपाय बताएंगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी के पोखर व खाली प्लाट, जहां पानी भरा होगा, उसमें गंबुजिया मछली व काला तेल डाला जाएगा ताकि मच्छर का लारवा नष्ट हो जाए।
अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने घर पानी की टंकी में सरसों के तेल की कुछ बूंदे डाल दें, इससे टंकी में मच्छर नहीं पनपेंगे।
घर, कार्यालय या फैक्टरी में जलभराव ना होने दें
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि वे घर, कार्यालय, दुकान या फैक्टरी में जलभराव नहीं होने दें। किसी पुराने टायर, पुरानी टंकी, गमले, कबाड़ आदि में पानी भरा है तो उसे तुरंत खाली कर दें। पानी की टंकी या घरों के अंदर साफ पानी जमा करने के बर्तनों को ढंक कर रखें। इस मौसम में तेज बुखार हो जाए तो तत्काल अस्पताल जाकर इलाज करवाएं। किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हो चुका है तो उसे सतर्क रहने की जरूरत है। प्रत्येक रविवार को अपने घर में ड्राई डे मनाएं। पानी के बर्तन, कूलर, टंकी, फ्रिज की ट्रे, गमले इत्यादि को खाली कर उसे सुखा लें। सरकारी कार्यालयों में अधिकारी सप्ताह का एक दिन चयन कर सफाई करवाएं।