रेवाड़ी। मार्च 2020 में कोरोना के चलते लगाए गए लॉकडाउन से लेकर अब तक रेलगाड़ियों का आवागमन सुचारु नहीं होने से ट्रेन में सफर करने वाले आम व दैनिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रेलगाड़ी संचालन व मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) दोबारा शुरू करने को लेकर रेवाड़ी, पटौदी सहित अन्य डेली यात्री संगठन के लोग दिल्ली में अधिकारियों से मिले। इनकी मानें तो एक अगस्त से सभी पैसेंजर रेलगाड़ियों का संचालन फिर से शुरू करने व एमएसटी बनाने का आश्वासन दिया गया है।
बता दें कि रेवाड़ी से दिल्ली, रोहतक व अलवर के बीच प्रत्येक दिन करीब 50 हजार दैनिक यात्री सफर करते हैं। निजी से लेकर सरकारी नौकरी व दिल्ली में दूध की सप्लाई भी इन्हीं पैसेंजर रेलगाड़ियों के माध्यम से की जाती है। हजारों की संख्या में किसान सुबह के समय दूध लेकर दिल्ली सप्लाई करने के लिए जाते हैं। लेकिन गाड़ियों का संचालन नहीं होने व एमएसटी नहीं बनने से दोहरी मार पड़ रही है।
बता दें कि लॉकडाउन से पहले रेवाड़ी व दिल्ली के बीच 19 पैसेंजर रेलगाड़ियों का आवागमन होता था। रेवाड़ी से दिल्ली 10 रेलगाड़ी जाती थी, लेकिन अब महज पांच ही चल रही हैं। इसमें भी मुख्य समय की रेलगाड़ियां बंद हैं। स्पेशल रेलगाड़ी संचालन के नाम पर किराया भी दोगुना तक वसूला जा रहा है। उदाहरण के तौर पर रेवाड़ी से पालम के बीच लॉकडाउन से पहले पैसेंजर रेलगाड़ी में 20 रुपये किराया था, लेकिन अब बढ़ाकर 30 रुपये कर दिया गया है।
सुबह 7:05 व 9 बजे अध्यापक ट्रेन की बंदी से परेशानी
वर्तमान में रेवाड़ी जंक्शन से सुबह 5:30 रेवाड़ी से दिल्ली व सुबह 6:05 पर तिलकब्रिज- गंगानगर, 11 बजे कालंदी व दोपहर तीन बजे दिल्ली-मेरठ पैसेंजर रेलगाड़ी कां संचालन हो रहा है। लेकिन सुबह 7:05 मिनट पर चलने वाली रेलगाड़ी बीते 14 माह से बंद है। इस रेलगाड़ी में क्षमता से दोगुना यात्री दिल्ली की ओर सफर करते थे। इसके अलावा सुबह 9:25 पर चलने वाली गाड़ी भी बंद है। इसमें अधिकतर अध्यापकों की संख्या रहती थी। इस रेलगाड़ी को अध्यापक ट्रेन के नाम से जाना जाता है। दोपहर एक बजे रेवाड़ी से दिल्ली की ओर जाने वाली रेलगाड़ी भी बंद है। वहीं दोपहर 12:30 दिल्ली सराय रोहिल्ला से चलने वाली गाड़ी का संचालन भी नहीं हो पा रहा है। रेवाड़ी से दोपहर 1:05 बजे, शाम साढ़े पांच व शाम 7:10 पर चलने वाली रेलगाड़ियों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
कोरोना से पहले जंक्शन से बनी 50 हजार एमएसटी
रेवाड़ी जंक्शन से दिल्ली, जयपुर, अलवर, मुंबई, चंडीगढ़, रोहतक सिरसा, बीकानेर, जोधपुर सहित देश के प्रत्येक कोने में जाने के लिए रेलगाड़ियों का संचालन होता है। ऐसे में अकेले रेवाड़ी जंक्शन पर 50 हजार लोगों ने मासिक पास (एमसटी) बनवाई हुई है। लेकिन बीते 14 माह से एमएसटी भी नहीं बन पा रही है। दैनिक यात्रियों का कहना है कि देश में सब कुछ खुल गया है तो रेलगाड़ियां क्यों बंद है। सरकार की ओर से स्पेशल रेलगाड़ी संचालन के नाम पर पैसे भी ज्यादा वसूले जा रहे हैं। अभी तक आधी पैसेंजर गाड़ी नहीं चलाई गई है।
डेली यात्री संघ के प्रधान हरीश भारद्वाज ने बताया कि रेवाड़ी से चलने वाली 10 में से पांच रेलगाड़ी कां संचालन शुरू नहीं हो पाया है। करीब 50 हजार यात्री ट्रेन संचालन व एमएसटी नहीं होने से परेशानी झेल रहे हैं। कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। रेवाड़ी व पटौदी के डेली यात्री संघ पदाधिकारियों ने दिल्ली में अधिकारियों से मिलकर मांगें रखी थी। उन्होंने एक अगस्त से एमएसटी व ट्रेन संचालन का आश्वासन दिया है। आम आदमी से लेकर प्रत्येक दिन हजारों की संख्या दिल्ली दूध सप्लाई करने वाले किसान भी परेशान हो रहे हैं।