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एशियन गेम्स: सुरुचि और कमलजीत ने एशियन गेम्स में भारत को दिलाया शूटिंग गोल्ड, मुख्यमंत्री सैनी ने दी बधाई

Fri, 25 Sep 2026 11:11 AM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी/झज्जर

सार

कमलजीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। उन्होंने 2023 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुषों की 50 मीटर पिस्टल जूनियर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा हाल में नई दिल्ली में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया था।
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खिलाड़ी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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झज्जर जिले सासरोली की रहने वाली सुरुचि पुत्री इंदर सिंह ने एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में कमलजीत के साथ मिलकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया है। उपलब्धि पर परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सुरुचि सिंह के पिता इंदर सिंह ने इसे देश के लिए उपलब्धि बताया और कहा कि बेटी ने गांव, जिले और उनका नाम रोशन किया है। सुरुचि के पिता इंद्र सिंह सेना में हवलदार रहे हैं।

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परिवार के स्पोर्ट्स बैकग्राउंड के कारण शुरुआत में उनका रुझान कुश्ती (रेसलिंग) की तरफ था, लेकिन कुश्ती के दौरान एक मुकाबले में उनकी गर्दन की हड्डी (हंसली) टूट गई थी। इस गंभीर चोट के कारण उन्हें कुश्ती छोड़नी पड़ी थी। चोट के बाद उन्होंने 13 वर्ष की उम्र में शूटिंग में हाथ आजमाया। वह रोजाना अपने परिवार के साथ झज्जर से भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी तक लगभग 50 किमी (आना-जाना 100 किमी) का सफर लोकल ट्रेन से तय करती थीं।

उन्होंने कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में कड़ा अभ्यास किया। 2025 में उन्होंने ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख वर्ल्ड कप में लगातार तीन व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीते और दुनिया की नंबर-1 शूटर बनीं। दोहा में हुए ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया था। आज उन्होंने एशियन गेम्स में उन्होंने कमलजीत के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।

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जिस चोट ने दौड़ रोक दी, उसी के बाद कमलजीत ने थामी पिस्टल और एशियन गेम्स में रच दिया इतिहास

जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स में हरियाणा के दो निशानेबाजों ने देश का नाम रोशन किया है। रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि इंद्र सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक बताया गया है। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर हरियाणा में खुशी का माहौल है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। रेवाड़ी के सूलखा निवासी कमलजीत के लिए एशियन गेम्स तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। एथलेटिक्स में करियर बनाने का सपना एक चोट के कारण प्रभावित हुआ। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2019 में पिस्टल शूटिंग को अपनाया। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने शूटिंग जारी रखी और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

कमलजीत मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। शुरुआत में कोर्स फीस और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाना उनके लिए चुनौती था, लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें शूटिंग छोड़ने नहीं दिया। उनके गांव के ही एक कोच ने उन्हें शुरुआती दौर से प्रशिक्षण दिया। परिवार और कोच के सहयोग से उन्होंने अपने दूसरे खेल करियर को आगे बढ़ाया। घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण और नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से भी सहयोग मिला। कमलजीत ने राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह रैंकिंग प्रतियोगिताओं में अर्जित अंकों के आधार पर बनाई।

जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी जीत चुके हैं स्वर्ण
कमलजीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। उन्होंने 2023 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुषों की 50 मीटर पिस्टल जूनियर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा हाल में नई दिल्ली में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया था।

एशियन गेम्स से पहले कमलजीत ने विश्व कप में भी हिस्सा लिया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के दबाव और तैयारी को समझने का महत्वपूर्ण अनुभव बताया था। यह उनका पहला एशियन गेम्स था। अब सुरुचि इंद्र सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर कमलजीत ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
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