जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स में हरियाणा के दो निशानेबाजों ने देश का नाम रोशन किया है। रेवाड़ी के कमलजीत और झज्जर की सुरुचि इंद्र सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक बताया गया है। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर हरियाणा में खुशी का माहौल है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। रेवाड़ी के सूलखा निवासी कमलजीत के लिए एशियन गेम्स तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। एथलेटिक्स में करियर बनाने का सपना एक चोट के कारण प्रभावित हुआ। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2019 में पिस्टल शूटिंग को अपनाया। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने शूटिंग जारी रखी और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
कमलजीत मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। शुरुआत में कोर्स फीस और प्रतियोगिताओं का खर्च उठाना उनके लिए चुनौती था, लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें शूटिंग छोड़ने नहीं दिया। उनके गांव के ही एक कोच ने उन्हें शुरुआती दौर से प्रशिक्षण दिया। परिवार और कोच के सहयोग से उन्होंने अपने दूसरे खेल करियर को आगे बढ़ाया। घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण और नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से भी सहयोग मिला। कमलजीत ने राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह रैंकिंग प्रतियोगिताओं में अर्जित अंकों के आधार पर बनाई।
जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी जीत चुके हैं स्वर्ण
कमलजीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। उन्होंने 2023 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुषों की 50 मीटर पिस्टल जूनियर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा हाल में नई दिल्ली में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया था।
एशियन गेम्स से पहले कमलजीत ने विश्व कप में भी हिस्सा लिया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के दबाव और तैयारी को समझने का महत्वपूर्ण अनुभव बताया था। यह उनका पहला एशियन गेम्स था। अब सुरुचि इंद्र सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर कमलजीत ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।