रेवाड़ी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने अशोक हत्याकांड के आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि आरोपी पर लगे आरोप गंभीर हैं। अगर उसे जमानत दी जाती है तो वह फरार हो सकता है।
आरोपी की तरफ से तीसरी बार दाखिल जमानत याचिका पर बहस के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जितेंद्र को झूठा फंसाया गया। इसलिए आरोपी को राहत दी जानी चाहिए।
राज्य पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने अदालत में गवाही देकर अभियोजन पक्ष का साथ दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक अशोक के शरीर पर कई गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है।
अपराध बेहद गंभीर और जघन्य है, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपों के अनुसार अभियुक्त ने अशोक कुमार को रॉड से चोटें पहुंचाईं और मृतक अशोक कुमार की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई चोटें दर्ज हैं। अभियुक्त के विरुद्ध आरोपित अपराध गंभीर और संगीन है। कोर्ट ने जितेंद्र उर्फ जीतू की जमानत याचिका तीसरी बार खारिज कर दी।
मई 2022 में हुई थी हत्या : मई 2022 में थाना मॉडल टाउन में एफआईआर मृतक अशोक कुमार की पत्नी की शिकायत पर दर्ज की गई थी।शिकायत के अनुसार रात में आरोपी जितेंद्र ने शराब पीने के बाद अशोक कुमार से शराब के लिए पैसे लाने को कहा। अशोक के मना करने पर दुकानदार और सहयोगी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
इसी दौरान आरोपी जितेंद्र ने लोहे की रॉड से अशोक पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के बाद अशोक को पहले नागरिक अस्पताल और बाद में पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 16 मई 2022 को अशोक की मौत हो गई।
इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी जितेंद्र को 18 मई 2022 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। तब से वह न्यायिक हिरासत में है। उसने अब तक तीन बार नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की। पहली बार 14 फरवरी 2023 को याचिका खारिज हुई। दूसरी बार 11 जुलाई 2025 को भी अदालत ने उसे राहत देने से इंकार कर दिया।