रेवाड़ी। बढ़ती ठंड ने मूंगफली और गजक के कारोबार को बढ़ा दिया है। गुड़ और मूंगफली से तैयार होने वाले गजक को लोग सेहत की दृष्टि से भी अच्छा मानते हैं।
व्यापारी सुरेंद्र यादव और अनिक कुमार का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार व्यवसाय बेहतर रहने की उम्मीद है। ठंड के शुरुआती दिनों से ही बिक्री तेज होने लगी है। आने वाले दिनों में कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है। मूंगफली और तिल के गजक, रेवड़ी, चक्की और शक्कर-पट्टी की किस्मों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है।
इसके साथ ही त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों का सिलसिला भी गजक की मांग को बढ़ा रहा है। सर्कुलर रोड, दिल्ली रोड, भाड़ावास रोड, मुख्य बाजार, रेलवे रोड, बस स्टैंड से लेकर चौक-चौराहों तक मूंगफली, रेवड़ी, गजक बेचने वाली छोटी-बड़ी दुकान लगाई है। व्यापारियों के अनुसार यदि यही रफ्तार बनी रही तो यह सीजन उनके लिए अब तक का सबसे बेहतर साबित हो सकता है। पिछले साल 30 करोड़ तक का कारोबार हुआ था। इस बार 45 करोड़ होने की उम्मीद है।
सुबह से लेकर शाम तक होती रहती है बिक्री
सड़क किनारे लगने वाले ठेले हों या बाजार में दुकानें हर जगह सुबह से लेकर शाम तक बिक्री होती रहती है। खासतौर पर दफ्तर और स्कूल-कॉलेज से लौटते समय लोग राह चलते मूंगफली ले लेते हैं और खाते चलते हैं। इसी प्रकार तिल और गुड़ से बने गजक की मांग भी अधिक रहती है। लोग न केवल खाने के लिए बल्कि रिश्तेदारों के घर भेजने के लिए भी खरीदारी कर रहे हैं। यही वजह है कि सीजन में खासतौर पर रेवड़ी, शक्करपारे, तिलपापड़ी और रोल गजक की खूब बिक्री चल रही है। सर्दी में धूप में बैठकर मूंगफली का सेवन करते है।