लोगों को नोटिस देते विभाग के कर्मचारी। स्रोत: विभाग
रेवाड़ी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस दौरान पानी बर्बाद करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पानी बर्बाद करने पर गांव फड़नी, गोकलपुर, बुढ़ाना और बलियार खुर्द में 45 लोगों को नोटिस जारी किया है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियंता सुमित यादव की देखरेख में अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत पेयजल बर्बाद करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
कनिष्ठ अभियंता सुमित यादव ने बताया कि जल जीवन का आधार है और इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इसके बाद भी कई लोग पेयजल को व्यर्थ नालियों में बहा रहे हैं। शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ लोग अपने पेयजल कनेक्शनों को खुला छोड़ देते हैं जिससे बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बहता रहता है।
कई स्थानों पर लोग पेयजल का उपयोग सब्जियों की सिंचाई और बागवानी के लिए भी कर रहे हैं जो नियमों के विरुद्ध है। इसी प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए विभाग की ओर से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
अभियान के दौरान गांव गोकलपुर में आठ, बुढ़ाना में 10, बलियार खुर्द में 12 तथा फड़नी में 15 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई है कि भविष्य में पानी की बर्बादी नहीं करें।
कनेक्शन काटने की होगी कार्रवाई
सुमित यादव ने कहा कि यदि नोटिस के बाद भी लोग नहीं सुधरे और पेयजल बर्बाद करना जारी रखा तो ऐसे लोगों के पेयजल कनेक्शनों को काटने की कार्रवाई की जाएगी। सभी उपभोक्ताओं को पेयजल कनेक्शन पर टोंटी लगाना आवश्यक है ताकि पानी का अनावश्यक बहाव रोका जा सके। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में सभी नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी आवश्यकता हो, उतना ही पानी उपयोग करें।