रेवाड़ी। पूर्व सैनिक से 32 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास गुप्ता की अदालत ने सिद्धेश्वर नगर निवासी आरोपी अनूप कुमार तिवारी को नियमित जमानत दे दी है।
आरोपी के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उसके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है। उसका नाम एफआईआर में सीधे तौर पर दर्ज नहीं है और उसके खिलाफ मुख्य आरोप केवल सह-आरोपियों के खातों के उपयोग से जुड़े हैं।
यह भी कहा कि आरोपी 6 नवंबर 2025 से न्यायिक हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और चालान अदालत में पेश किया जा चुका है। ऐसे में आगे हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है। आरोपी के खिलाफ इसी तरह का कोई अन्य मामला दर्ज नहीं है।
पीड़ित पक्ष के वकील ने कहा कि आरोपी ने सह-आरोपियों को बैंक खाते उपलब्ध कराए और कुछ राशि की बरामदगी भी की गई। आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।
मामले में धनराशि की पूरी मनी ट्रेल, मोबाइल और सिम की जांच अभी शेष है, इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अनूप तिवारी को जमानत दे दी।
मामले में थाने में 31 दिसंबर 2024 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता सेक्टर 3 निवासी लाल सिंह (65) ने बताया कि वह पूर्व सैनिक हैं। नवंबर 2024 में फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक गिरोह ने अपने जाल में फंसाया।
एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए उन्हें आईपीओ और शेयर अलॉटमेंट का लालच दिया गया। इस दौरान उनसे अलग-अलग खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करवाए गए। बाद में शेयर बेचने और रकम निकालने के नाम पर उनसे और पैसे मांगे गए लेकिन उनके खाते में कोई राशि वापस नहीं आई। इस तरह करीब 32 लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी की गई।