नगर में राजकीय महाविद्यालय का भवन निर्माण नहीं होने तथा इस भवन को बनाने के लिए भूमि आवंटन नहीं होने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले सैकड़ों छात्र भवन निर्माण के लिए जल्द भूमि आवंटन किए जाने और जब तक यह भवन नहीं बन जाता, तब तक महाविद्यालय को सभी सुविधाओं वाली जगह स्थानांतरित किए जाने की मांग उठाई गई।
इस संबंध में छात्रों की ओर से डीसी यशेंद्र सिंह को राज्यपाल, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम सौंपे संयुक्त ज्ञापन में कहा गया कि अगर सरकार ने 15 दिनों में ऐसा नहीं किया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आंदोलन शुरू करते हुए सड़क पर उतर जाएगी।
बता दें, राजकीय महाविद्यालय रेवाड़ी की घोषणा 28 मई 2015 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी मगर 7 साल बीतने के बावजूद आज तक न तो इस भवन का निर्माण हुआ और न ही महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए भूमि का आवंटन ही हुआ। छात्रों का कहना कि अब राजकीय महाविद्यालय रेवाड़ी को नान फीजिबल जोन में डाल दिया है जिसका तात्पर्य यह है कि राजकीय महाविद्यालय रेवाड़ी भविष्य में चल भी सकता है या नहीं भी चलेगा।
अभाविप के प्रांत खेल संयोजक योगेश भारद्वाज ने कहा कि इस महाविद्यालय के साथ हमारे क्षेत्र के होनहार युवाओं का भविष्य जुड़ा है इसलिए रेवाड़ी में यह शिक्षण संस्थान होना जरूरी है। अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशीष शर्मा ने बताया कि इस विषय पर पहले भी छात्रों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम कई बार ज्ञापन सौंपे गए, तब भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। इनकी मांग है सरकार राजकीय महाविद्यालय रेवाड़ी को सही जगह स्थानांतरित करे, सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो।
ज्ञापन सौंपने वालों में छात्र चेतन, तरुण, साहिल, हिमांशु, लक्ष्मण, सोनू, राहुल, प्रियंका, रोहित, धीरज, धर्मवीर, सचिन, कपिल, रोहित, संयम, प्रवीण, अरुण, विशाल व छात्राएं आरती चौकी, आरती, नेहा, काजल, योगिता, तनु, प्रीति, कोमल, निकिता, मीरा और अन्य शामिल रहे।
इन तिथियों को दिए ज्ञापन
- पहला ज्ञापन 29 जनवरी 2020, द्वितीय ज्ञापन 28 जनवरी 2021, तीसरा ज्ञापन 15 मार्च 2021, चतुर्थ ज्ञापन 24 अगस्त 2021, पांचवां ज्ञापन 20 दिसंबर 2021