रेवाड़ी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज प्रदेश की कोर कमेटी के आह्वान पर जिले के नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी और पीएचसी में सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नागरिक अस्पताल में ओपीडी में कंसलल्टेंट डॉक्टर्स, आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर, सीएचओ, एनएचएम व बीएएमएस की ड्यूटी लगी रही लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में दूसरे दिन भी अल्ट्रासाउंड नहीं हुए। मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए आगामी डेट दी गई और न ही आंखों के ऑपरेशन हुए। सिर्फ गायनी में सिजेरियन व सामान्य डिलीवरी हुई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले दिन नागरिक अस्पताल में 1300 से अधिक ओपीडी हुई थी। वहीं मंगलवार को घटकर 1166 हो गई। नागरिक अस्पताल में आमदिनों में ओपीडी 1800 तक पहुंच जाती है। जिले के नागरिक अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में 144 सरकारी चिकित्सकों में से 113 हड़ताल पर हैं। नागरिक अस्पताल में 2 पोस्टमार्टम भी किए गए। हड़ताल को देखते हुए गुरुग्राम से आर्थो के 2, ईएनटी के 2, सर्जरी के 1, गायनी के 1, रेडियोलॉजी 1 व पैथोलॉजी का एक डॉक्टर बुलाया गया है।
मंगलवार को लोग बुजुर्ग महिला को स्ट्रेचर पर लेकर इधर-उधर भटकते रहे लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। एसोसिएशन की प्रदेश कोर कमेटी की ओर से मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन तक जारी रखने का भी फैसला लिया गया है। हड़ताल के दौरान जहां जिले में पहले दिन मिला-जुला असर दिखाई दिया।
-
इंसेट
हड़ताल अनिश्चितकालीन रखने का भी फैसला
एसोसिएशन की प्रदेश कोर कमेटी की ओर से मांगें पूरी होने तक हड़ताल अनिश्चितकालीन रखने का भी फैसला लिया गया है। एचसीएमएस एसोसिएशन की जिला प्रधान डॉ. सुधा यादव ने कहा कि कैडर नियमों के विरुद्ध एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एसएमओ के 644 पद स्वीकृत है जिसमें 200 पद रिक्त पड़े है। इनमें 160 पद सीधे सीएमओ भर्ती के लिए आरक्षित है। पहले से स्वीकृत संशोधित एसीपी संरचना को शीघ्र अधिसूचित किया जाए जोकि पिछले 16 महीनों से लंबित है। उन्होंने 4, 9, 13 व 20 साल की सेवा पर एसीपी देने तथा तीसरे ग्रेड पे पर 9500 रुपये की डिमांड की। प्रधान डाॅ. सुधा यादव ने कहा कि सरकार की ओर से उनकी मुख्य मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। फिलहाल चिकित्सकों ने कहा है कि अभी तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनी है। ऐसे में हड़ताल जारी रह सकती है।
आंख का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद डॉ. कंचन यादव को दिखाने आए लेकिन वह नहीं मिलीं। अब दूसरे डॉक्टर को दिखाना पड़ रहा है। - घनश्याम, जलालपुर
आंख में दर्द हो रहा था। अस्पताल आया तो डॉक्टर नहीं मिले। अब बाहर किसी प्राइवेट क्लिनिक में दिखाऊंगा।- यश, दिवारपुर
-
वर्जन:
अस्पताल में व्यवस्था सुचारू रूप से चली है। कोई भी सेवा बाधित नहीं हुई है। मरीजों को कोई कमी नहीं होने दी गई है।
डॉ. नरेंद्र दहिया, सीएमओ रेवाड़ी।
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते खाली पड़ा प्रतीक्षा कक्ष। संवाद- फोटो : 1
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते खाली पड़ा प्रतीक्षा कक्ष। संवाद- फोटो : 1