संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रस्तावित क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट पास हो गया है। हालांकि सीसीयू के लिए अभी जमीन तय नहीं की जा सकी है। बजट पास होने के बाद उम्मीद जगी है कि क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए जल्द ही जगह तलाश कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
क्रिटिकल केयर यूनिट नए अस्पताल के साथ ही बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। अभी 200 बेड के अस्पताल के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जल्द ही जमीन फाइनल होने की संभावना है। खुद स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने जमीन की तलाश के लिए आसपास के गांवों का दौरा किया है।
जमीन फाइनल होने के बाद ही क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। क्रिटिकल केयर यूनिट में जहां डायलिसिस की सुविधा होगी वहीं सिटी स्कैन मशीन से लेकर एक्सरे यूनिट, अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर भी उपलब्ध रहेगा। यहां गर्भवती को भर्ती करने की भी सुविधा रहेगी।
वर्तमान में गंभीर मरीजों को पीजीआई रोहतक के लिए रेफर किया जाता है। पीजीआई पहुंचने में डेढ़ से 2 घंटे या इससे अधिक समय लग जाता है। इससे गंभीर मरीजों को काफी समस्या होती है। क्रिटिकल केयर यूनिट बनने से मरीजों को रेफर करने की नौबत नहीं आएगी।
क्या है क्रिटिकल केयर यूनिट
क्रिटिकल केयर यूनिट में गंभीर रूप से बीमार या घायल रोगियों की गहन चिकित्सा, देखभाल और निगरानी की व्यवस्था होती है। यहां डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की एक टीम होती है, जो गंभीर रूप से बीमार रोगियों की देखभाल करने में प्रशिक्षित होते हैं। वेंटिलेटर, मॉनिटर और अन्य चिकित्सा उपकरण होते हैं। इनके माध्यम से रोगियों की 24 घंटे निगरानी की जाती है। स्वास्थ्य में किसी प्रकार के बदलाव को तुरंत पहचान कर मदद की जाती है।
क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी बनेगा
चिकित्सकों के अनुसार नागरिक अस्पताल परिसर में 200 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी (सीसीबी) बनना है। इसमें कोरोना पाजिटिव, हार्ट-ब्रेन अटैक, फेफड़े से संबंधित रोगी, आग व करंट से झुलसे लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा। इसी के साथ डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी तैयार होगी। लेबोरेटरी में 50 प्रकार के टेस्ट हो सकेंगे। लैब मेडिकल काॅलेज की तर्ज पर बनेगी।
बेहतर सुविधा होने पर घायलों को मिलेगी राहत
सड़क दुर्घटना में 2020 में 271 लोगों की मृत्यु हुई थी और 631 घायल हुए थे। 2022 में 211 लोगों की मृत्यु और 500 लोग घायल हुए थे। 2023 में 227 लोगों की मौत और 514 लोग घायल हुए थे। 2024 में 210 लोगों की मृत्यु और 765 लोग घायल हुए थे। 2025 में अभी तक 80 से अधिक लोगों की मौत 120 लोग घायल हो चुके हैं। अस्पताल में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था होने से हादसों में घायल लोगों का बेहतर इलाज होगा।
वर्जन
क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए बजट पास हुआ है लेकिन जगह की तलाश नहीं हो पाई है। अस्पताल की नई बिल्डिंग में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए जगह की तलाश चल रही है। बिल्डिंग बनने के बाद इसे बनाया जाएगा।-दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन।