87 cattle ranchers registered for kisan credit card
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रेवाड़ी। पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने के लिए बुधवार को जिलाभर से 87 पशु पालकों ने अपना पंजीकरण करवाया। पशुपालकों को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने के लिए प्रदेश का पशुपालन एवं डेयरी विभाग पशु पालकों के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड (पीकेसीसी) का लाभ देने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। योजना के तहत पशुपालकों को बिना किसी गारंटी के 1 लाख 60 हजार रुपये का ऋण मिलेगा। ऋण लेने के इच्छुक पशुपालक ने पहले ऋण न लिया हो। जिला में पशु पालकों को योजना का लाभ देने के लिए विभाग द्वारा सरकारी व प्राइवेट बैंकों को 5 हजार पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया है। पब्लिक सेक्टर के बैंक को 2929, प्राइवेट सेक्टर व स्माल फाइनेंस बैंकों को 917, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक को 743, कार्पोरेशन बैंक को 411 क्रेडिट कार्ड बनाने की लक्ष्य दिया गया है।
ऋण लेते समय उन्हें सिर्फ पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के उपनिदेशक का सत्यापित पत्र देना होगा। इससे पहले किसान को अपने पशु का बीमा भी करवाना होगा। उसके लिए मात्र 100 रुपये देने होंगे। बैंकों की ओर से पशु किसान क्रेडिट कार्ड धारक को सालाना सात फीसद साधारण ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा। भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सतीश खोला द्वारा अपने कार्यालय में पशु पालकों का पंजीकरण किया गया। उन्होंने पशु पालकों को विस्तार से योजना के बारे में बताया।
सात प्रतिशत ब्याज की दर से समय पर भुगतान करते रहने पर भारत सरकार की ओर से तीन फीसद ब्याज दर का अनुदान तीन लाख रुपये तक की ऋण राशि पर दिया जाता है। क्रेडिट कार्ड धारक एक गाय के लिए 40783 रुपये का ऋण ले सकता है लेकिन पशु पालक को वित्तीय पैमाने के आधार पर ऋण 6 बराबर प्रतिमाह किस्तों में दिया जाएगा। गाय के पालन-पोषण के लिए हर महीने 6797 रुपये अपने क्रेडिट कार्ड से ऋण के तौर पर प्राप्त कर सकता है। यदि किसी कारण से किसी माह यह क्रेडिट प्राप्त नहीं कर पाता तो पिछले महीने का क्रेडिट व अगले महीने में भी ले सकता है।