अतिक्रमण के खिलाफ परिषद ने करवाई शहर की वीडियोग्राफी
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर में पिछले कई दिनों से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रही नगर परिषद ने इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए सोमवार को शहर की वीडियाग्राफी करवाई। इस दौरान विभिन्न बाजारों से हटवाए गए अतिक्रमण के बाद की स्थिति को देखा गया। परिषद के अधिकारी मंगलवार को वीडियोग्राफी को देखकर कार्रवाई शुरू करेंगे।
वहीं शहर में लग रहे ठेले और रेहड़ियों पर नगर परिषद की नजर है। जो अतिक्रमण और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी समस्या है। शहर में लगभग तीन हजार से ज्यादा रेहड़िया और ठेले हैं, जो शहर के मुख्य बाजारों और चौक, चौराहों पर लगती हैं। वहीं नगर परिषद के पास केवल 610 लोग ही रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में अतिक्रमण के खिलाफ परिषद इनकों भी शहर से बाहर कर सकती हैं।
गौर हो कि एक जुलाई को तत्कालीन उपायुक्त डॉ. यर्श की अध्यक्षता में टाउन वेंडिंग कमेटी रेवाड़ी की मीटिंग हुई थी, जिसमें एसडीएम, डीएसपी, डिप्टी सिविल सर्जन, एफएसओ, बैंक अधिकारी एवं नगर परिषद के अधिकारी शामिल थे। बैठक में पहले एजेंडे में यही बात थी कि शहर में जगह-जगह स्ट्रीट वेंडर्स के कारण जाम लगता है। इसीलिए इन स्ट्रीट वेंडर्स को रोड से हटाया जाए। रेलवे रोड एवं नाईवाली चौक पर अवैध रूप से स्ट्रीट वेंडर्स ने ठेले और रेहड़ी लगा रखे हैं। ऐसे में उपायुक्त नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार को उन्हें हटाने के निर्देश दिए थे।
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सर्वे में लगा पता
इसी एजेंडे में सीपीओ हरज्ञान सिंह को शहर में लगे ठेला एवं रेहड़ियों का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए। सर्वे करते समय ठेला, रेहड़ियों का राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर कार्ड कीे फोटो कॉपी अवश्य लें। जिससे यह निश्चित किया जा सके कि ये नगर परिषद क्षेत्र में ही रहते हैं या देहात या अन्य जगह से आकर यहां रेहड़ी लगाते हैं। एक राशन कार्ड पर एक ही व्यक्ति का ठेला, रेहड़ी की पहचान की जानी है। इसके बाद नगर सीपीओ कार्यालय से अक्तूबर अंत में प्रशासन को रिपोर्ट सौंपकर शहर के 610 लोगों के रेहड़ी लगाने की सूची भेजी गई।
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टेंपो ने भी बढ़ाई परेशानी
अतिक्रमण को लेकर लगने वाले जाम में दूसरी बड़ी समस्या शहर में चलने वाले टेंपों की है। एक अनुमान के अनुसार शहर में करीब 2000 ऑटो चलते हैं। इनकी इतनी अधिक संख्या को लेकर शहर में जगह-जगह जाम लगते हैं। सर्कुलर रोड पर तो और भी अधिक समस्या हो जाती है। एक के पीछे तीन से चार तक ऑटो लगे रहते हैं। जिससे वाहन चालकों के सामने परेशानी बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त बैटरी चलित ऑटो की संख्या भी शहर में बहुत है।
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पिछले दिनों सर्वे कराकर रिपोर्ट भेज दी है। शहर भर में स्थानीय लोगों की 610 रेहड़ियां लगती हैं। इनके आधार कार्ड और राशन कार्ड के आधार पर इनकी पहचान की गई।
हरज्ञान सिंह, सीपीओ, डुडा
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सूची आने के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अग्रिम आदेशों का इंतजार है।
मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद