संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जवाहर लाल नेहरू नहर की सफाई का 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। बाकी बचे 30 फीसदी कार्य को भी जल्द पूरा करने का दावा सिंचाई विभाग ने किया है। नहर की सफाई के बाद इसमें कचरा फेंकने वालों के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की योजना बनाई गई है। वहीं नहर पर 88 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया जाएगा।
जेएलएन नहर की सफाई पर 45 लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है। जेएलएन नहर के 33 किलोमीटर से लेकर 39 किलोमीटर के बीच सफाई पर 14.35 लाख रुपये, 39 किलोमीटर से 44 किलोमीटर के बीच सफाई पर 14.14 लाख रुपये और 49 किलोमीटर से लेकर 53 किलोमीटर की साफ सफाई पर करीब 2.55 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है। जेएलएन नहर के 29 किलोमीटर से लेकर 33 किलोमीटर के बीच सफाई पर 14.17 लाख रुपये खर्च होने हैं। इस जगह की सफाई का कार्य बचा हुआ है। इसे भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
नहर की सफाई का कार्य अंतिम चरण में है। वहीं नहर पर 88 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण 37 किलोमीटर के छोर पर होगा। यह क्षेत्र जेसी 4 और 5 के बीच में आता है। लंबे समय से पुल की मांग स्थानीय लोग कर रहे थे। पुल बनने के बाद लोगों को सहूलियत होगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब निर्माण का कार्य शुरू होगा।
एनजीटी के नियमों की हो रही अवहेलना
एनजीटी के नियमों के मुताबिक नहर में कूड़ा या कचरा फेंकना अपराध है। ऐसा करने पर जुर्माना व सजा का प्रावधान है। इसके बाद भी लोग नहर में कूड़ा फेंक रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने के कारण लोग बेखौफ होकर नहर में कूड़ा फेंकते हैं। इसकी वजह से पानी प्रदूषित होता है। नहर में दिल्ली रोड स्थित सिंचाई विभाग के पंप के पास और पटौदी रोड पर सबसे अधिक कूड़ा फेंका जाता है। नहर को साफ रखने के लिए तमाम प्रयास किए गए लेकिन लोग जागरूक नहीं हो पाए हैं।
शहर की 3 लाख की आबादी नहही पानी के सहारे
दिल्ली रोड स्थित जेएलएन नहर के पंप हाउस के पास कई कॉलोनियां हैं जिनमें हजारों लोग रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह ड्यूटी जाते वक्त कुछ लोग नहर में कूड़ा डालकर चले जाते हैं जिससे नहर का पानी दूषित हो रहा है। रेवाड़ी शहर की आबादी करीब 3 लाख है जो नहरी पानी पर निर्भर है। नहर के पानी की ही शहर में सप्लाई होती है। फिर भी जिला प्रशासन की ओर से भी नहर में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है।
वर्जन:
अब जेएलएन नहर के 29 किलोमीटर से लेकर 33 किलोमीटर के बीच सफाई का कार्य बचा है। इसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। जेसी 4 और 5 के बीच में एक ब्रिज का निर्माण होगा।-जगराम, जेई, सिंचाई विभाग रेवाड़ी।