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Rewari News: सिविल अस्पताल में रोज 70 मरीज ले रहे होम्योपैथी ओपीडी

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ओपीडी में मरीज से बात करते होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. गोविंद शर्मा। संवाद
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रेवाड़ी। पुरानी बीमारियों के मरीजों का होम्योपैथी में रुझान बढ़ा है। सिविल अस्पताल में चल रही होम्योपैथी ओपीडी में अब हर रोज 60 से 70 पीड़ित उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें पुरानी क्रोनिक बीमारियों के जोड़ों में दर्द, स्किन एलर्जी, एग्जीमा, साेरायसिस, सांस के रोगी और 60 से ज्यादा आयु वर्ग के बुजुर्गों में प्रोस्टेट के पीड़ित शामिल हैं।
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ओपीडी में इन बीमारियों के पीड़ितों की ही संख्या ज्यादा है। होम्योपैथिक विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इसमें ठीक होने में भले ही समय लगे, लेकिन इलाज पुख्ता होता है। इसी वजह से पुरानी बीमारियों के मरीजों का होम्योपैथी में रुझान बढ़ा है। होम्योपैथिक विशेषज्ञ बताते हैं कि अब इस पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास जमने लगा है। लोगों को इस पद्धति पर विश्वास है कि पुरानी बीमारियां इससे दूर हो सकती हैं। अक्सर ओपीडी में वही लोग आते हैं, जिन्होंने हर जगह से दवा अपनी बीमारी की ले ली होती है। लंबी दवाई चलाने के बाद भी जब समस्या ठीक नहीं होती है तो वह होम्योपैथिक का सहारा लेते हैं। यानी होम्योपैथिक को लोग अंतिम विकल्प मानकर चलते हैं। मगर समय के साथ-साथ काफी बदलाव भी देखने को मिल रहा है। अब लोग कोई भी बीमारी का इलाज कराने के लिए पहले ही होम्योपैथिक का सहारा ले रहे हैं। होम्योपैथिक का किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। यही कारण है कि होम्योपैथिक का रुझान हर साल बढ़ रहा है। जिले में होम्योपैथी के विशेषज्ञ इस पद्धति के प्रति लोगों को जागरूक करने का भी कार्य करते हैं। साथ ही समय समय पर विशेष शिविर भी लगाए जाते हैं।



रोग को जड़ से खत्म करती है दवा
होम्योपैथी विशेषज्ञों ने बताया कि होम्योपैथी बीमारी के लेवल से परे जाकर उसके लक्षणों के बजाय उसके कारणों का इलाज करती है और यह शरीर की अपनी प्राकृतिक उपचार शक्तियों को उत्तेजित करती है। इससे स्वास्थ्य, जीवन शक्ति और खुशहाली आती है। यह केवल लक्षणों को दूर करके सतही उपचार नहीं करती बल्कि रोगी को भीतर से ठीक करती है। यह शरीर के विभिन्न प्रभावित भागों के लिए अलग-अलग दवाएं देने के बजाय ऐसी दवाओं का उपयोग करती है, जो पूरे व्यक्ति की परेशानी को कवर करती हैं। होम्योपैथिक अधिकांश बीमारियों के लिए रोग को जड़ से खत्म करके दीर्घकालिक या स्थायी इलाज भी प्रदान कर सकता है। दवा भी काफी सस्ती होती है।
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वर्जन
सिविल अस्पताल में चल रही होम्योपैथी ओपीडी में अब हर रोज 60 से 70 पीड़ित उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। होम्योपैथिक का किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। अब इस पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने लगा है। लोगों से अपील है कि वह किसी भी बिमारी का इलाज आकर करवा सकते हैं।
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-डॉ. गोविंद शर्मा, होम्योपैथिक विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल
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