रेवाड़ी। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए आयोजित नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (एनएमएमएस) परीक्षा को लेकर जिले में आवेदन की स्थिति चिंताजनक है।
शिक्षा विभाग के अनुसार 5100 विद्यार्थियों में सिर्फ 2464 के आवेदन पोर्टल पर दर्ज हुए हैं। जिले में आवेदन का प्रतिशत 49 रहा, जबकि आधे से अधिक विद्यार्थियों के आवेदन दर्ज नहीं हो पाए।
जिले के पांच ब्लॉकों के 241 स्कूलों में आठवीं कक्षा के विद्यार्थी इस परीक्षा के लिए पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा नौवीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये यानी एक हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके बाद भी आवेदन की धीमी रफ्तार से पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छात्रवृत्ति से वंचित होने की आशंका : एनएमएमएस योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद करती है।
परीक्षा के लिए आवेदन नहीं होने पर पात्र विद्यार्थी चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर खो सकते हैं। अभिभावकों और शिक्षकों की मांग है कि आवेदन पोर्टल दोबारा खोला जाए या अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि छूटे हुए विद्यार्थियों को भी मौका मिल सके।