रेवाड़ी। जिले में लगातार हो रही पानी की समस्या को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। इसी क्रम में जल सेवाएं मंडल नंबर-1 की जवाहरलाल नेहरू रजवाहा और दीवाना रजवाहा और इनकी ऑफ्टेक्स नहरों, टैंक्स और तालाब भर दिए गए हैं।
मंदोला, देहलावास, बेरली खुर्द, जाट सायरवास, मीरपुर यूनिवर्सिटी, लिसाना, जाटूसाना, कोसली, भाकली, रामगढ, बोडिया कमालपुर, मुंदी, औलांत, निमोठ सहित 37 जलघर और 76 तालाब भर दिए गए हैं। जाटूसाना, डहीना, खोल, रेवाड़ी ब्लॉक के सभी जलघर और तालाब भी भर दिए गए हैं।
दरअसल डीसी ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे जोखिम भरे क्षेत्रों की पहचान करें। सभी सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौक, बाजार, अस्पताल, पब्लिक डीलिंग से संबंधित कार्यालयों में नगर परिषद, नगर पालिका, विकास एवं पंचायत विभाग के सहयोग से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, मुख्य रूप से पानी की कमी वाले जोखिम वाले क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों की सूची तैयार करने, पेयजल के स्रोत और जनसंख्या के अनुपात में इसकी क्षमता की पहचान करने को कहा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों को ऊर्जा संरक्षण बारे लोगों में जागरूकता पैदा करने, संवेदनशील क्षेत्रों और जनसंख्या के आधार पर बिजली कटौती के लिए नीति बनाने, अत्यधिक गर्मी के दौरान बिजली की कटौती बारे एक दिन पहले सूचना देने, विभाग के कर्मियों के लिए गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए।
इंसेट
सड़कों पर पानी के छिड़काव के निर्देश
डीसी ने शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हीट अलर्ट और एहतियाती उपाय के बारे आमजन को जागरूक करें। व्यस्त समय के दौरान बड़े सार्वजनिक पार्कों को खुला रखने, मलिन बस्तियों में टैंकरों से जलापूर्ति करवाने, पीक आवर्स के दौरान चलने वाले शहर के सार्वजनिक परिवहन वाहनों में आइस पैक, प्राथमिक चिकित्सा और पानी की व्यवस्था करवाने, पशुओं के टंकियों (नलकूपों के पास) की व्यवस्था करने, सड़कों पर पानी के छिड़काव के निर्देश दिए।