फोटो : 32अनाज मंडी में बाजरा समेटते श्रमिक। संवाद
रेवाड़ी। किसान मंडी में बाजरा लेकर तो पहुंच रहे हैं लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। सोमवार को कुल 517 गेट पास कटे हैं। अभी तक करीब 3500 टन बाजरा की आवक हो चुकी है। खरीद ना होने का कारण बाजरे में गुणवत्ता में कमी होना बताया जा रहा है।
हैफेड सफेद बाजरा की खरीद करेगी, अभी जो बाजरा आ रहा है वह काला बाजरा है। ये बाजरा अधिक बारिश की वजह से अपनी गुणवत्ता खो बैठा है। इसे लेकर किसान भी काफी परेशान हैं। साथ ही आढ़ती भी असमंजस में हैं। फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बाजरा बेहतर गुणवत्ता का मंडी में आएगा। रेवाड़ी। किसानों ने व्यापारियों को ही बाजरे की बिक्री की।
सरकार ने भावांतर भरपाई योजना (बीबीवाई) के अंतर्गत बाजरे का संशोधित खरीद मूल्य भी 50 रुपए बढ़ाकर 2200 रुपए प्रति क्विंटल तय कर दिया है। पहले यह 2150 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था। जिसमें 625 रुपए भावांतर था, जबकि नए संशोधन में किसानों को प्रति क्विंटल पर 575 रुपये भावांतर मिलेगा। दूसरी तरफ किसान संगठन ने भी बाजरा खरीद करने को लेकर चेतावनी दी है।