अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। रोडवेज के हड़ताली कर्मचारियों पर जारी कार्रवाई और नई भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के बाद अन्य कर्मचारी संगठनों का रोडवेज कर्मियों को साथ मिल गया है। शुक्रवार को शहर के सेक्टर-एक स्थित जवाहरलाल नेहरू पार्क में रोडवेज की तालमेल कमेटी की अगुवाई में अन्य अन्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियेें की बैठक हुई जिसमें सरकार के रवैये पर कड़ा रोष प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने तीन दिन हड़ताल और बढ़ाने ऐलान किया।
बैठक में कर्मचारियों ने मांग पूरी नहीं करने और एस्मा व निलंबन की कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री का पुतला जलाकर हड़ताल को तीन दिन और बढ़ाने का ऐलान किया। साथ ही यदि सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो इसे अनिश्चतकालीन में बदल दिया जाएगा। पुतला जलाने में विभिन्न विभागों के आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इससे पहले रोडवेज कर्मियों ने नेहरू पार्क में बैठक कर सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन पिछले लंबे समय से रोडवेज के बेड़े में बसें बढ़ाने और प्राइवेट बसें शामिल नहीं करने की मांग को लेकर सरकार से भिड़ रही है। चार दिन पूर्व यूनियन ने इसी मांग को लेकर चक्का जाम किया था। वह बात अलग है कि प्रशासन ने पुलिस कर्मचारियों की मदद से कुछ बसों का संचालन कर जनता की परेशानी दूर करने का प्रयास किया। बैठक में बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, पब्लिक हेल्थ, स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षा विभाग के कर्मचारी व एसयूसीआई के कार्यकर्ता तथा पदाधिकारियों ने भी रोडवेज यूनियन की मांग को जायज बताते हुए समर्थन दिया।
यूनियन पदाधिकारी देवेंद्र तिवाड़ी ने कहा कि वे लंबे समय से सरकार की प्राइवेट बसों को लाने की पॉलिसी का विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। कर्मचारियों को दबाने के लिए एस्मा लगवा रहे हैं। कर्मचारी सस्पेंड किए जा रहे हैं, लेकिन रोडवेज यूनियन इससे घबराने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया ऐसा ही रहा तो हड़ताल अनिश्चितकालीन में भी बदल सकती है।
इस दौरान कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए कांग्रेस ने अर्जुन राव, एसयूसीआई के कॉमरेड राजेंद्र सिंह, पीडब्ल्यूडी, एमपीएचडब्ल्यू, आशा वर्कर, बिजली, नगर पालिका कर्मचारी संघ, इंटैक, यूटीयूसी, अध्यापक संघ और हरियाणा कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी मौजूद।
सरकार पूरी तरह से कर्मचारियों को दबाने का प्रयास कर रही है। बगैर संवाद किसी भी समस्या का समाधान नहीं है इसलिए सरकार हठधर्मिता की बजाय कर्मचारियों की भी बात सुने। फिलहाल एचकेएस ने समर्थन दिया है और जरूरत पड़ी तो अन्य विभागों के भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो जाएंगे।
-कंवरसिंह यादव, प्रदेशाध्यक्ष कर्मचारी महासंघ