रेवाड़ी। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए इस बार ठोस कदम उठाए हैं। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर पिछले एक महीने में विभिन्न सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और निजी संपत्तियों के मालिकों पर कुल 30 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। 50 डीजल जनरेटर सील किए गए हैं।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की टीम द्वारा निर्माण और विध्वंस गतिविधियों से संबंधित निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने के बाद चार भवन निर्माण स्थलों के मालिकों पर कुल 9.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह बावल में एचएसआईआईडीसी अधिकारियों पर 80,000 रुपये, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पर 25,000 रुपये और उप निदेशक (कृषि) पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
दरअसल, इनके कार्यालय और संबंधित क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट और कूड़ा जलता हुआ पाया गया था। पिछले एक माह में ग्रैप निर्देशों के उल्लंघन के लिए कुल 40 डीजी सेट (जनरेटर) भी सील किए गए हैं। साथ ही 6 कंपनियों को सील करने के लिए पत्र उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।
नगर परिषद ने किए 100 से अधिक चालान
नगर परिषद की तरफ से की गई कार्रवाई की बात करें तो खुले में कूड़ा जलाने, कंस्ट्रक्शन साइट पर नियमों के विरुद्ध काम करने वालों तथा होटल में ढाबों पर लकड़ी व कोयला जलाने वालों के अभी तक 100 से अधिक चालान किए गए हैं। ढाई लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है। साथ ही स्प्रिंकलर वाहनों से पानी के छिड़काव और रोड स्वीपिंग मशीन से सड़कों की धूल को साफ किया जा रहा है। सड़कों की धूल को साफ करने का रूट प्लान भी तैयार किया गया है। रात के समय स्वीपिंग मशीन सड़कों पर से धूल साफ करती है।
3 साल में पहली बार ग्रैप-4 की अधिक समय तक लगी पाबंदी
दूसरी तरफ 3 साल में पहली बार अधिक दिनों तक ग्रैप चार की पाबंदियां इस साल लगी हैं। 2022 में 3 से 6 नवंबर, 2023 में 5 से 18 नवंबर तक ग्रैप चार की पाबंदियां लगी थी। इस वर्ष 2024 में गैप-4 की पाबंदियां 17 नवंबर से लगाई गई थी जो कि अब तक जारी है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि इस सीजन में अधिकतम प्रदूषण का स्तर 449 के पास पहुंच गया था, जोकि काफी गंभीर श्रेणी में माना जाता है। ऐसी स्थिति उत्पन्न दोबारा ना हो, इस वजह से ग्रैप 4 की पाबंदियां लंबे समय तक लगाई गई है। इसकी वजह से स्कूलों तक को बंद करना पड़ा था।
रविवार को 180 दर्ज किया गया एक्यूआई
बता दें कि ग्रैप-4 की पाबंदियों के बाद प्रदूषण के स्तर में काफी हद तक सुधार हुआ है। जहां प्रदूषण का स्तर रोजाना 400 और 300 को पार कर रहा था, अब अधिकतम एक्यूआई 200 के आसपास ही रहता है। रविवार को अधिकतम प्रदूषण का स्तर 180 दर्ज किया गया है।
इस बार प्रदूषण की वजह से अधिक बढ़े स्वास्थ्य के मरीज
इस बार नागरिक अस्पताल में 400 पार एक्यूआई पहुंचने पर आंखों में जलन, सांस के रोगी, त्वचा के एलर्जी के रोजाना मरीज 300 के करीब दर्ज किए जा रहे थे। पिछले वर्ष अधिकतम एक्यूआई 400 पार नहीं गया था। ऐसे में प्रदूषण से होने वाली बीमारी से मरीजों की संख्या 200 के करीब दर्ज की जा रही थी, मगर साल रिकॉर्ड टूट गया।
पिछले दिनों का प्रदूषण का स्तर
दिन, एक्यूआई
रविवार 180
शनिवार 225
शुक्रवार 252
वीरवार 220
बुधवार 204
मंगलवार 175
वर्जन:
ग्रेडेड रिस्पाॅन्स एक्शन प्लान के तहत जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर पिछले एक महीने में विभिन्न सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और निजी संपत्तियों के मालिकों पर कुल 30 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। हमारी तीन टीमें लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं।
हरीश, आरओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रेवाड़ी।
कार्रवाई के लिए पहुंची बोर्ड की टीम। स्रोत : विभाग