संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में किराये के भवनों और जर्जर इमारतों में संचालित 29 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द ही सरकारी भवनों और स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। इससे नौनिहालों को अब आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण के साथ-साथ बेहतर वातावरण, खेलकूद की सुविधा और सुरक्षित माहौल भी मिल सकेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस दिशा में तैयारी तेज कर दी है। जिले में 1099 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं जिनमें से 29 केंद्र किराये के भवनों या खराब स्थिति वाली इमारतों में चल रहे हैं। सरकार के इस फैसले से एक ओर जहां किराये पर होने वाला खर्च कम होगा, वहीं दूसरी ओर बच्चों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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इन गांवों के केंद्र होंगे शिफ्ट
विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार रसियावास, किशनपुर, प्राणपुरा, खुरमपुर, बुढ़पुर, झाड़ौदा, कृष्ण नगर, सुरहेली, नेहरूगढ़, फतेहपुरी, मुरलीपुर, गुरावड़ा के दो केंद्र, हांसावास, पाल्हावास, मुसेपुर, बटौड़ी, मायण, नांधा के दो केंद्र, बलवाड़ी, धवाना, निमोठ के तीन केंद्र और खोरी गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों को पंचायत घरों या नजदीकी सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इनमें से 23 केंद्रों के लिए उपयुक्त सरकारी भवनों का चयन कर लिया है और वहां शिफ्टिंग की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। हालांकि गुरावड़ा के दो केंद्रों सहित किशनपुर, प्राणपुरा, खुरमपुर और झाड़ौदा के केंद्रों के लिए अभी सरकारी जगह की तलाश जारी है। इसके लिए विभाग अन्य सरकारी विभागों से भी संपर्क कर रहा है।
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बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
सरकारी भवनों में शिफ्ट होने के बाद बच्चों को बड़े और हवादार कमरे, खेल का मैदान, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षित पेयजल जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे इन केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी और प्ले स्कूल के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी। विभाग के अनुसार नए भवनों में बच्चों के समुचित विकास के लिए लगभग 63 वर्गमीटर तक का पर्याप्त स्थान और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे बच्चों को सीखने और खेलने के लिए बेहतर माहौल मिल सके।
वर्जन:
सरकार के निर्देशानुसार किराये के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी इमारतों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। 23 केंद्रों के लिए जगह तय कर ली गई है और शिफ्टिंग का काम अंतिम चरण में है। छह केंद्रों के लिए भी जल्द स्थान चयन कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं और सीखने के लिए अच्छा वातावरण उपलब्ध कराना है। - शालू यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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