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मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने जा रहे 25 किसान गिरफ्तार, बाद में छोड़ा

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काले झंडे दिखाते हुए प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे 25 किसानों को गिरफ्तार कर मॉडल टाउन थाने भेज दिया। किसानों को मुख्यमंत्री के जाने के पश्चात दोपहर बाद 3 बजे रिहा किया गया।
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उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों के चलते प्रदेशभर में भाजपा नेताओं का विरोध किया जा रहा है। आईजीयू में मुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम तय होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने उनको काले झंडे दिखाकर विरोध करने की रणनीति बनाई थी। किसान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को जवाहर लाल नेहरू पार्क में एकत्रित होकर पैदल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल आईजीयू मीरपुर के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर शहर में हरियाणा पुलिस के अलावा आरएएफ व सीआईएसएफ के जवानों को जगह-जगह तैनात किया गया था। किसानों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही शहर के धारूहेड़ा चुंगी के निकट मॉडल टाउन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पहले से ही जानकारी थी कि कुछ किसान संगठन मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने पहुंच सकते हैं। इसी के चलते उन्हें काला झंडा दिखाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद किसानों को करीब 3 बजे पुलिस ने रिहा कर दिया। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों की गिरफ्तारी को मौलिक अधिकारों का हनन बताया है। उनका कहना है कि देशभर में पिछले 9 माह से किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। लेकिन फिर भी सरकार इन कानूनों को लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों लागू को होने के बाद कृषि पर पूरी तरह से पूूंजीपतियों का कब्जा हो जाएगा और किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार नए कृषि कानूनों को निरस्त नहीं कर देती, यह आंदोलन जारी रहेेगा।
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