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डंपिग यार्ड हटाने का जिला प्रशासन का समयावधि खत्म, ग्रामीणों में बढने लगा रोष

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प्रशासन की डंपिंग यार्ड हटाने की 15 दिन की मोहलत खत्म, केंद्रीय राज्यमंत्री इंद्रजीत से शिकायत करेंगे ग्रामीण
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-प्रशासन द्वारा 15 दिन का मांगा गया था समय
-कचरे के कारण ग्रामीणों को जीना हुआ मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नगर परिषद की ओर से बावल उपमंडल के गांव रामसिंह पुरा में बनाए गए डंपिंग यार्ड को हटवाने के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई समय सीमा खत्म हो गई है। अभी भी नगर परिषद द्वारा डंपिंग यार्ड में कूड़ा डाला जा रहा है। डंपिंग यार्ड नहीं हटवाए जाने से नाराज ग्रामीण मंगलवार को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से मिलकर शिकायत करेंगे। दो दिन बाद बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उधर, प्रशासन ने कहा कि डंपिंग यार्ड स्थानांतरित करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
गांव रामसिंहपुरा के समीप नगर परिषद की ओर से कूड़ा-करकट डालने के लिए डंपिंग यार्ड की जगह निर्धारित कर जिलेभर का कूूड़ा डालना शुरू कर दिया गया था। करीब बीस दिन पूर्व 12 जनवरी को रामसिंहपुरा के निकट कचरे के ढेर से मृत मिली चार गायों के बाद ग्रामीणों में रोष बढ़ने लगा था। ग्रामीणों यहां से डंपिंग यार्ड हटाने की मांग को लेकर 13 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। 14 जनवरी को ग्रामीणों ने धरनास्थल पर 11 गांवों की महापंचायत कर डंपरों को वापस लौटा दिया था। पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से मुलाकात कर यार्ड को स्थानांतरित करने की मांग रखी थी।
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एसडीएम को सौंपी थी जिम्मेदारी, कुछ नहीं हुआ
प्रशासन ने डंपिंग यार्ड को स्थानांतरित करने के लिए 15 दिन का समय मांगा था। जिस पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया था। उपायुक्त ने रेवाड़ी के एसडीएम जितेंद्र कुमार को इस मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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कहां जाएगा 80 टन कचरा
इस समय रेवाड़ी शहर का प्रतिदिन का करीब 40 से 45 टन और बावल नगर पालिका का करीब 15 टन कचरा यहां पहुंचाया जाता है। यदि डंपिंग प्वाइंट को स्थानांतरित किया जाता है तो सबसे बड़ी मुश्किल नए प्वाइंट को लेकर होगी। प्रतिदिन जिले से निकलने वाले 80 टन कचरे का कहां डाला जाएगा।
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कचरे से खाद और ईंट बनाने का प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में
हालांकि इस प्वाइंट पर कचरे का निस्तारण करने के लिए खाद और ईंट बनाने की मशीन लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। इस वजह से यहां कचरे के ढेर लगा रहता है।
इनका क्या कहना है
प्रशासन द्वारा डंपिंग यार्ड हटाने के लिए मांगा गया समय पूरा हो चुका है। डंपिंग यार्ड के कारण ग्रामीणों को घर रहना बेहाल हो गया है। जल्द हीं पंचायत का आयोजित कर कोई कदम उठाया जाएगा। अगर जिला प्रशासन ने यहां से यार्ड नहीं हटाया तो ग्रामीण बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
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कर्णसिंह, सरपंच गांव रामसिंहपुरा
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डंपिग यार्ड में की वजह से गांव के अंदर रहना मुश्किल हो गया है। यार्ड में कचरा निस्तारण की कोई प्रक्रिया नहीं है। इसको आग लगाने से प्रदूषण बढ़ रहा है। वहीं कचरे से आनी वाली बदबू से ग्रामीणों का जीना बेहाल हो गया है। जल्द समिति के सदस्यों से चर्चा के बाद यार्ड को लेकर फैसला लिया जाएगा।
एडवोकेट चरणसिंह, सरपंच ग्राम पंचायत साबन
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