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जेपीएस के वार्षिकोत्सव में दिर्खा नारी शक्र्ति का जलवा ,,,,,,

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पद्मावती के जौहर और मां काली के तांडव ने झकझोरा
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संतोष जैन ऑडिटोरियम का भी हुआ शुभारंभ
रेवाड़ी।
जैन पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में नारी सशक्तिकरण की मिसाल पेश की गई। नारी शक्ति नामक संगीत नाटिका में सतयुग से वर्तमान युग तक की नारी के तप, त्याग, भक्ति एवं शक्ति का जलवा समारोह में दिखाई दिया। मां काली से मानुषी छिल्लर तक दिखाई गई नारी शक्ति की झलक से दर्शक भाव-विभोर हो गए। नाटिका में गौरा-बादल के बलिदान के बाद पद्मावती के जौहर का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। समारोह के मुख्य अतिथि दिल्ली स्थित ज्योति ग्रुप के अध्यक्ष संजय जैन ने कार्यक्रम को उत्कृष्ट बताते हुए विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने विद्यालय के नव निर्मित संतोष जैन ऑडिटोरियम का भी शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि संजय जैन और रेवाड़ी के विधायक रणधीर सिंह कापडीवास के विद्यालय प्रांगण में पहुँचने पर प्रबंधन समिति के प्रधान पीके जैन, उप प्रधान प्रदीप जैन, सचिव दीपक जैन, प्रबंधक शशांक जैन समेत प्रबंधन समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। स्कूली बैंड से अतिथियों की अगवानी की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने विद्यालय का अवलोकन कर अपने पिता के नाम पर बनें संतोष जैन ऑडिटोरियम का शुभारंभ भी किया। इस यादगार क्षण में उन पलों को भी याद किया गया जब उनके पिता संतोष जैन ने तत्कालीन प्रधान सुमेरचंद जैन एवं देवेंद्र जैन सर्राफ के निवेदन पर विद्यालय के भवन का शिलान्यास किया था। आज उन दोनों महानुभावों के पुत्र प्रदीप जैन एवं शशांक जैन की उपस्थिति में ऑडिटोरियम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं जैन वंदना से हुई। अंकुर विभाग के नन्हें बच्चों ने अतिथियों का स्वागत किया। स्कूल के प्रधान ने जहाँ स्कूल के इतिहास की जानकारी दी, वहीं सचिव ने उपलब्धियों के साथ-साथ भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने अंग्रेजी भाषा में समारोह के थीम नारी शक्ति से अवगत कराया। मुख्य अतिथि कापडीवास ने कार्यक्रम की सराहना कर एक लाख रुपये देने की घोषणा की।
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इसके बाद शुरू हुई संगीत नाटिका ने समां बांध दिया। बच्चों के अभिनय, नृत्य की अदाओं एवं संवादों पर सभागार पल-पल तालियों से गूंजता रहा। वरिष्ठ रंगकर्मी गोपाल शर्मा वशिष्ठ द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटिका में सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग एवं आधुनिक युग की महान नारियों का जीवंत चित्रण किया गया। नाटिका में मां काली के अवतार का कारण, देवी अनुसुइया, सीता, सावित्री आदि के त्याग, शबरी की रामभक्ति और मीरा की कृष्ण भक्ति, चंदनबाला की महावीर भक्ति दिखाई गई। रानी पद्मावती का भीषण संकल्प करने के साथ जौहर करना, स्वाभिमान की रक्षा के लिए गौरा व बादल की शूरवीरता आकर्षण का केंद्र रही। रानी लक्ष्मीबाई, कैप्टन लक्ष्मी सहगल, इंदिरा गांधी, किरण बेदी, कल्पना चावला, मैरीकॉम, साइना, गीता-बबीता, मानुषी छिल्लर आदि की अदाकारी से दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे।
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