संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। साहरनवास गांव स्थित ईंट भट्ठे पर करीब साढ़े चार माह से अवैध रूप से रह रहे 17 बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने पकड़ा है। इनमें पांच महिलाएं, सात पुरुष और पांच बच्चे शामिल हैं। इनके पास कोई कागजात नहीं मिला है। रामपुरा थाना पुलिस सभी को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो रेवाड़ी, गुप्तचर विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम को जिले में अवैध रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों के होने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने संयुक्त कारवाई करते हुए बुधवार को गांव साहरनवास के पास स्थित एक ईंट भट्ठे से सभी 17 बांग्लादेशियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि इन सभी ने करीब 15 साल पहले भारत में घुसपैठ की थी। कई राज्यों से होते हुए करीब चार माह पहले ये रेवाड़ी पहुंचे थे। प्राथमिक जांच में इनके पास से कोई दस्तावेज नहीं मिला है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में घुसपैठ है बड़ा मुद्दा
दिल्ली चुनावों में बांग्लादेशी व रोहिंग्याओं की घुसपैठ बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इसके पहले झारखंड में बांग्लादेशियों की घुसपैठ का मामला बड़ा मुद्दा रहा। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर लगातार इस तरह के अभियान चल रहे हैं। लेकिन, यहां पर बड़ा सवाल यह है कि जिस भट्ठे पर यह काम कर रहे थे, उसके मालिक ने इनके दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की? अगर जांच की गई होती तो पुलिस को इनकी सूचना पहले ही मिल जाती।
वर्जन-
सहारनवास स्थित ईंट भट्ठे से बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है। इन सभी ने खुद कबूल किया है कि वह बांग्लादेश के रहने वाले हैं। इन सभी को वीरवार को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- मनीष कुमार, थानाध्यक्ष, रामपुरा रेवाड़ी।