रेवाड़ी। घरों के कूड़े को खाली प्लॉट या सड़कों पर फेंकने के लिए अब लोगों को अंधेरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की टेंडर की प्रक्रिया अब 15 दिन में पूरी होने के बाद हर रोज नप की गाड़ी घर के दरवाजे पर कूड़ा लेने के लिए पहुंचेगी। इसके लिए प्रत्येक घर से नप की ओर से 50 रुपये लिए जाएंगे।
वर्ष- 2017 में नप की ओर से डोर-टू- डोर कूड़ा कलेक्शन कर शहर को स्वच्छ अभियान के साथ जोड़ना था, लेकिन ठेकेदार नहीं मिलने के चलते ये प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई और स्वच्छता सर्वेक्षण में रेवाड़ी की रैंक 10 पायदान गिरकर 303 पर पहुंच गई, लेकिन अमर उजाला की ओर से बीते 10 दिनों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। इसके कारण नप ने प्रदेश के ठेकेदारों को बुलाकर टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लेने के कारण पूछ उनका निदान किया। इसका परिणाम यह रहा कि 27 माह की देरी से सही, लेकिन इस बार नप को ठेकेदार मिल गए। वर्क ऑर्डर व अन्य प्रक्रिया को जोड़ दिया जाए तो अब 15 दिन के अंदर डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू हो जाएगा।
घर पर ही सूखा व गीला कचरा डालना होगा अलग-अलग
शहर की स्वच्छता रैंक बढ़ाने में नप की ओर से ही नहीं शहरवासियों को भी अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा। इसके लिए घर पर ही कचरा सिगरेसन (गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करना) लोगों करना होगा। जो गाड़ी घर पर कचरा लेने के लिए आएगी, उसमें भी गीला व सूखा कचरा डालने की अलग से व्यवस्था होगी।
31 वार्ड से 15 गाड़ी करेंगी कचरा कलेक्शन
शहर के 31 वार्ड में 45 हजार घरों से 15 गाड़ियों की मदद से कचरा कलेक्शन किया जाएगा। इसके बाद इस कचरे को एनएच-8 पर स्थित कचरा निस्तारण प्वाइंट रामसिंहपुरा तक पहुंचाया जाएगा। टेंडर 9 माह के लिए है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि कम से कम अगले 9 माह तक शहर में स्वच्छता रहेगी और आसपास के प्लॉट व सड़कों पर कूड़ा बिखरा हुआ नहीं दिखाई देगा।
स्वच्छता रैंक में कचरा सिगरेसन के सबसे ज्यादा अंक
शहरी विकास मंत्रालय की ओर से 2018 में किए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर के आधार पर रैंक जारी की गई थी। लेकिन इस बार रैंक की बजाय स्टार रेटिंग होनी है। सर्वेक्षण रिपोर्ट भी मंत्रालय की साइट पर हर माह अपडेट की जानी है। बता दें कि
2018 में राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में रेवाड़ी को 256 रैंक मिली थी, लेकिन 2019 में शहर की रैकिंग 10 पायदान फिसलकर 264 पर पहुंच गई। बता दें कि 2017 में रेवाड़ी को 303 रैंक मिली थी। इस बार के सर्वेक्षण में नकारात्मक अंक देने का भी प्रावधान है। बता दें कि कचरा सिगरेशन पर ही सबसे ज्यादा स्टार स्वच्छता सर्वेक्षण में मिलने हैं।
-बाजारों व शहरों में लगे सौर ऊर्जा चालित डंपिंग प्वाइंट
घरों से जहां गाड़ी कचरा लेकर आएगी, वहीं बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर हाइड्रोलिक अंडरग्रांउड डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। इन डंपिंग प्वाइंट को चलाने के लिए सौर ऊर्जा का सिस्टम लगाया गया है। कचरा वैन जैसे ही प्वाइंट पर पहुंचेगी तो एक लीड के माध्यम से वैन को होईड्रोलिक सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा। अंडरग्राउंड सिस्टम से कचरा ऊपर आएगा और कचरा वैन में डंप हो जाएगा। सचिवालय, रणबीर हुड्डा चौक, दिल्ली रोड, व कई जगह बाजारों में ये प्वाइंट बनाए जा चुके हैं।
शहरवासी भी समझे अपनी जिम्मेदारी: ईओ
नगर परिषद ईओ मनोज यादव ने कहा कि नप की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण में स्टार बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 15 दिन के अंदर डोर-टू-डो कूड़ा कलेक्शन भी शुरू हो जाएगा। लेकिन स्वच्छता हमें आदत में शुमार करनी होगी, क्योंकि इस बार सर्वेक्षण की थीम भी यही है। ऐसे में कचरा गाड़ी को कूड़ा देने से पहले घर पर ही सूखा व गीला कचरा एकत्रित करना होगा। ताकि निस्तारण बेहतर तरीके से किया जा सके।