कोसली। क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में कक्षा के अंदर दसवीं कक्षा के छात्र को जहरीले जंतु ने काट लिया। इससे उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की। करीब छह घंटे तक ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगाया रखा। वहीं पुलिस अभी भी स्कूल के दोनों गेट व कैंपस में तैनात है। पुलिस ने पीजीआई से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शुक्रवार को कोसली क्षेत्र के गांव आशियाकी गौरावास निवासी हर्ष (16) अपने ही गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि दोपहर करीब सवा 12 बजे रेसस के दोरान हर्ष ने एक कागज का टुकड़ा बाहर डालने के लिए खिड़की से हाथ बाहर निकाला तो उसके हाथ को जहरीले जन्तु (गोयरे) ने काट लिया। इसके बाद हर्ष ने इसकी सूचना स्कूल स्टाफ को दी। स्टाफ ने उसे एक स्कूल के छात्र के साथ बाइक पर बैठाकर घर भेज दिया। तबियत बिगड़ने के बाद परिजन उसे रेवाड़ी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे तो वहां से उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पीजीआई में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने हर्ष को मृत घोषित कर दिया।
अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से किया मना
शनिवार की सुबह छात्र की मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्र की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पहुंच कर गेट पर ताला जड़ दिया। साथ ही अपने बच्चों को स्कूल भेजने से साफ तौर पर मना कर दिया। सूचना मिलने के बाद जिला खंड शिक्षा अधिकारी प्रवेश धनखड़ और रोहडाई थाना प्रभारी रामानन्द अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने स्कूल स्टाफ पर आरोप लगाते हुए ताला खोलने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पहले ही बच्चों ने बताया था कि यहां स्कूल में कमरों के पीछे खड़ी झाड़ियों में गोहरा व सांप हैं, लेकिन स्कूल प्राचार्य व स्टाफ ने कोई ध्यान ही नहीं दिया।
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ग्रामीणों का आरोप, स्कूल में साफ-सफाई तक नहीं
ग्रामीणों के बढ़ते विरोध को देखते हुए जाटुसाना पुलिस ने स्कूल परिसर में पुलिस बल तैनात कर दी। ग्रामीणों ने स्कूल स्टाफ को अंदर जाने तक नहीं दिया। इसके बाद स्टाफ सदस्य लौट गए। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात का मौसम होने के बावजूद स्कूल में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूल के अंदर बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी हुई है। इन झाड़ियों में जहरीले जन्तु होने की आश्ंाका बनी रहती है। इतना ही नहीं छात्र की मौत के बाद अन्य छात्रों ने भी स्कूल के अंदर जाने से मना कर दिया। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण स्कूल के बाहर ही डटे रहे।
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ग्रामीण बोले-स्टाफ की लापरवाही के चलते हुई घटना
स्कूल स्टाफ की लापरवाही के चलते एक बच्चे की जान चली गई है। स्कूल के कमरों के चारों तरफ उगी झाड़ियों की सफाई न होने से जहरीले जन्तुओं को छिपने की जगह मिल गई है, जिससे खतरा ज्यादा बना रहता है।
- हरीश कुमार, ग्रामीण
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पीने के पानी की सुविधा नहीं
छात्र की मौत का जिम्मेदार स्कूल स्टाफ है। स्कूल परिसर में बनी टंकी में पानी होने के बावजूद टोटी तक नहीं लगी है। इससे बच्चों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। स्कूल परिसर में सफाई को लेकर भी कई बार स्टाफ को बोला था, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
- राजाराम, ग्रामीण
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स्कूल स्टाफ को कई बार बताने के बाद भी जहरीले जन्तुओं को खोजने व साफ-सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसका नतीजा यह रहा कि एक बच्चे की जान चली गई। हम अपने बच्चों को भी स्कूल तब भेजेंगे जब स्कूल की साफ-सफाई और झाड़ियों को काट दिया जाएगा।
- राजकुमार, ग्रामीण
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जहरीले जन्तु के काटने के बाद बच्चे ने शिक्षक को भी बताया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उसे बाइक पर बैठा कर घर भेज दिया गया। अध्यापकों की जिम्मदारी बनती है कि उसके परिजनों को बताकर अस्पताल में पहले भर्ती कराए, न कि घर भेज दें। स्टाफ की लापरवाही ने बच्चे की जान ले ली।
- बृजमोहन, ग्रामीण
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पुलिस का वर्जन:
मृतक छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने किसी पर भी आरोप नहीं लगाया है।
- रामानंद, थाना प्रभारी, रोहडाई
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क्या कहना है प्राचार्य का:
शुक्रवार की दोपहर 12 बजे किसी काम से कहीं चला गया था। स्कूल से फोन आया था कि एक बच्चे को किसी जहरीले जन्तु ने काट लिया है। सूचना मिलते ही छात्र को घर भेजवा दिया गया था। इसके बाद हम गाड़ी लेकर घर गए थे, लेकिन परिजनों ने कहा छात्र को अपने साधन से अस्पताल लेकर जा रहे हैं। स्कूल में केवल एक ही कर्मचारी हैं, उसे जब भी समय मिलता है, सफाई करवाई जाती है। हमने दो दिन पहले भी एक गोयरा स्कूल के कमरे के पीछे घास में देखा तो उसे मार दिया था।
-ईश कुमार, प्राचार्य, आशियाकी गौरावास राजकीय स्कूल
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अधिकारी का वर्जन
दुखद घटना है। पुलिस को लगता है कि कोई दोषी है, उस पर कार्रवाई करे। विभाग के उच्चाधिकारियों व डीसी को इस घटना की जानकारी दे दी गई है। मृतक छात्र के परिजनों की सहायता के लिए विभाग की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।
- नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी