चाइनीज मांझे से एक 10 साल की बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन ने चाइजीन मांझा बेचने वालों पर कार्रवाई की। अब तक पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन जगहों पर छापेमारी की है। हालांकि, जिस मासूम की मांझे से मौत हुई है, उसके घरवालों ने अब तक थाने में शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।
दरअसल, ये पूरा मामला रेवाड़ी शहर के भाड़ावास रोड की है। यहां 5वीं कक्षा की 10 साल की बच्ची रिशु परशुराम कॉलोनी में रहती थी। रिशु के पिता लकड़ी का कारोबार करते हैं। रिशु के पिता मोनू ने बताया कि बेटी रिशु की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। हमारी बेटी की तड़प-तड़प कर मौत हुई है। 27 जुलाई को तीज के दिन भतीजी की सगाई का कार्यक्रम रखा गया था। हम परिवार के साथ दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित कसौला चौक के पास एक होटल में थे।
बच्ची के पिता ने आगे बताया कि भतीजी की सगाई के बाद देर शाम को परिवार रेवाड़ी लौट रहा था। बेटी रिशु अपने ताऊ सोनू के साथ बाइक पर थी। जब वे गांव जाटूवास के पास पहुंचे, तो एक चाइनीज मांझा रिशु के गले में लिपट गई। मांझे से उसके गले की नस कट गई। गर्दन से लगातार खून बहने लगा। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले गए, हालांकि बात नहीं बनी। वहां से रेवाड़ी के राजेश पायलेट चौक स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में उसे भर्ती कराया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। त्योहार पर बेटी की मौत से हमारा पूरा परिवार टूट गया है।