गुड़गांव में भूमि खरीद से जुड़े एक मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण नेहरू की बेटी अवंतिका नेहरू मदान और दामाद जीएस मदान को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिल गई है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए।
अवंतिका और जीएस मदान की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस राय ने अदालत में कहा कि ब्रह्मा सिटी प्राइवेट लिमिटेड को इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
अवंतिका फरवरी 2010 में कंपनी की निदेशक रह चुकी हैं। कंपनी के पास कालोनी डेवलप करने के लाइसेंस हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस राय ने कहा कि कंपनी ने लाइसेंस हासिल करने के बाद प्लाट बेचना शुरू किया था।
इनमें दो प्लाट शिकायतकर्ता मेवा सिंह को बेचे गए थे। इसके लिए 10 फीसदी अग्रिम राशि का भुगतान भी किया गया। शिकायत में कहा गया कि उसकी अग्रिम राशि कंपनी नहीं लौटा रही है। ऐसे में आपराधिक कार्रवाई की जाए।
मजिस्ट्रेट ने शिकायत पर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए थे। गुड़गांव पुलिस ने इस मामले में 3 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कर ली थी।
याचिका में कहा गया कि अवंतिका अब कंपनी की निदेशक नहीं हैं।
हाईकोर्ट ने इस पर राहत देते हुए दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
कंपनी के खिलाफ धोखे से गांव उल्लावास के किसानों की 151 एकड़ जमीन हड़पने और आगे इसे निवेशकों को बेचने के मामले में भी गुड़गांव पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर रखा है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से रिहायशी कालोनी डिवलेप करने के नाम पर कृष बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड ने लाइसेंस हासिल किया और बाद में दूसरी कंपनी ब्रह्मा सिटी प्राइवेट लिमिटेड ने एक हजार से ज्यादा लोगों को जमीन बेच दी।