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हरियाणा: राकेश टिकैत बुधवार को ममता बनर्जी से मिलेंगे, चुनाव आंदोलन की रणनीति पर होगी चर्चा

Tue, 08 Jun 2021 04:39 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, फतेहाबाद

सार

  • 2024 लोकसभा चुनाव में वाराणसी संसदीय सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच किसान नेता राकेश टिकत ने कहा कि वे स्वयं चुनाव नहीं लडे़ंगे लेकिन लोगों को जागरूक जरूर करेंगे।
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राकेश टिकैत, किसान नेता - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोलकाता में मुलाकात करेेंगे। सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

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दरअसल कोरोना के हालात सुधरने के साथ ही किसान नेता अपने आंदोलन को और मजबूती देने पर विचार कर रहे हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले भी टिकैत ने तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार किया था। ममता बनर्जी भी समय समय पर किसान आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाती रही हैं। टीएमसी के कई सांसद भी दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के मंचों पर पहुंचे थे।

2024 लोकसभा चुनाव में वाराणसी संसदीय सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच किसान नेता राकेश टिकत ने कहा कि वे स्वयं चुनाव नहीं लडे़ंगे लेकिन लोगों को जागरूक जरूर करेंगे।
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टिकैत ने कहा कि नौ जून को बंगाल में किसानों की बैठक होनी है, इसलिए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मिलेंगे जहां उनकी सरकार की नीतियों के बारे जानकारी लेंगे। टिकैत ने कहा कि पहले टोहाना के विधायक को जिताने के लिए ट्रैक्टर पर लोग जाते थे लेकिन अबकी बार लोग ट्रैक्टर पर उनके खिलाफ आ रहे हैं इसलिए ट्रैक्टर ही इस आंदोलन की जान बन गया है। 

किसानों के सामने पुलिस भी थाने में धरना दे रही: टिकैत
राकेश टिकैत ने कहा कि टोहाना के सदर थाने में किसान धरना दे रहे हैं तो पुलिस भी अपने ही थाने में धरना दे रही है। उन्होंने कहा कि वे थाने के बीच में रस्सी खींचकर पुलिस व किसानों का रास्ता अलग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के सोने के बाद पुलिस की टीम भी उनके सामने महज दो से ढाई फुट की दूरी पर रहती है। 

टिकैत ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को भारत सरकार चुनावी वर्ष 2024 तक जरूर वापस ले लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो टोहाना में किसानों पर मुकदमे बनाए हैं वे वापस जरूर होंगे, सरकार को मुकदमे वापस लेने होंगे। टिकैत ने कहा कि टोहाना को नहरों की नगरी के नाम से जाना जाता है, वे नहरों को भी देखकर आए है और टोहाना की सुंदरता को महसूस किया है।

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