समझौता ब्लास्ट के आरोपी राजेंद्र चौधरी की जमानत याचिका शनिवार को एनआईए की अदालत ने खारिज कर दी।
अदालत ने जांच एजेंसी को चौधरी के खिलाफ चालान पेश करने की समय सीमा 180 दिन कर दी है।
मामले के अन्य आरोपी असीमानंद की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। हालांकि, कोई फैसला नहीं लिया जा सका।
इस मामले की सुनवाई अब नौ मई को होगी। इसके अलावा आरोपी लोकेश शर्मा की अर्जी पर भी बहस हुई।
लोकेश शर्मा की अर्जी के मुताबिक संरक्षित गवाहों की जो सूची उन्हें उपलब्ध करवाई गई, उनमें न तो गवाहों के नाम हैं और न ही यह स्पष्ट है कि उन्होंने क्या बयान दिए हैं।
इस पर एनआईए के वकील आरके हांडा और राजन मल्होत्रा ने कहा कि इस मामले में अदालत से फैसला आ चुका है और एक जज अपने आर्डर को रिव्यू नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि 18 फरवरी 2007 को पानीपत के दीवाना रेलवे स्टेशन के पास आईईडी से समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 68 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 12 गंभीर रूप से घायल हो गए थे।