फरीदकोट के बेअदबी मामले में पंजाब पुलिस मंगलवार को हरियाणा के रोहतक जिले में पहुंची और राम रहीम से छह घंटे तक पूछताछ की। 35 दिन में दूसरी बार आई एसआईटी का नेतृत्व आईजी सुरेंद्र परमार ने किया।
बेअदबी मामले में पंजाब पुलिस की टीम ने 9 नवंबर को सुनारिया जेल में आकर राम रहीम से पूछताछ की थी। इससे जांच टीम संतुष्ट नहीं हुई। इससे पहले टीम ने सिरसा पहुंचकर पूछताछ की। अब राम रहीम से सुनारिया जेल में नए सिरे से पूछताछ की गई। सुबह रोहतक पुलिस ने जेल परिसर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर रखी थी। जेल के बाहर लगाए गए बैरिकेड्स पर पंजाब पुलिस की गाड़ियों को अधिकारियों का पहचान पत्र देखकर ही एंट्री दी गई। क्योंकि पिछली बार एसआईटी के साथ पंजाब से आई मीडिया की गाड़ियां भी गेट तक पहुंच गई थी।
दोपहर बाद जब पंजाब पुलिस की एसआईटी वापस रवाना हुई तो नाके पर आईजी की गाड़ी रुकी। शीशा नीचे करके आईजी सुुरेंद्र परमार ने मौजूद पुलिसकर्मी से आईएमटी चौकी प्रभारी अमित का बेल्ट नंबर व नाम पूछा और डायरी में नोट किया। अब आईजी ने बेल्ट नंबर व नाम क्यों लिखा, यह पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। उस समय चौकी प्रभारी अमित दूसरे केस के सिलसिले में पीजीआई गए हुए थे।
वर्ष 2015 में पंजाब के बरगाड़ी से करीब पांच किमी दूर गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला में स्थित गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरुग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप चोरी हो गए थे। 25 सितंबर 2015 को बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के पास हाथ से लिखे दो पोस्टर लगे मिले थे। ये पंजाबी भाषा में लिखे गए थे। आरोप है कि पोस्टर में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। मामले को लेकर जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। 25 अक्टूबर को एसआईटी की याचिका पर फरीदकोट की अदालत से राम रहीम के 29 अक्टूबर के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी हुए थे। इसको लेकर राम रहीम हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने एसआईटी को सुनारिया जेल में ही राम रहीम से पूछताछ की अनुमति दी थी। 9 नवंबर को टीम ने राम रहीम से जेल में पूछताछ की थी, लेकिन जांच टीम पूछताछ से संतुष्ट नहीं थी। ऐसे में अब दोबारा मंगलवार को राम रहीम से पूछताछ की गई।