कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने हाईवे को जाम करने की पूरी तैयारी कर ली है। इसको लेकर किसानों की ड्यूटी लगाई जा रही है। हर गांव से किसानों को इस आंदोलन में भाग लेने के लिए संदेश भेजे जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक किसान चक्का जाम में भाग ले सकें।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अंबाला के किसान नेशनल और स्टेट हाईवे को जाम करेंगे। वहीं शंभू बॉर्डर पर बैठे किसानों ने चक्का जाम को लेकर पूरी रणनीति तैयार कर ली है। किसान यूनियन के अनुसार अंबाला में शंभू बॉर्डर पर अंबाला-अमृतसर हाईवे, अंबाला-हिसार हाईवे, अंबाला-नारायणगढ़ हाईवे व अन्य हाईवे को 12 बजे से लेकर 3 बजे तक पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस दौरान किसानों ने साफ कर दिया है कि अगर पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उन्हें उन्हीं के तरीके से जवाब दिया जाएगा।
इसके अलावा दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में कई जिलों में पंचायतें हुईं। वहीं धरनास्थलों पर किसानों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। सोनीपत में आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में महलाना, बड़वासनी व छोटूराम धर्मशाला में पंचायतें हुईऱ्ं। जींद के बद्दोवाल टोल पर किसान संघर्ष मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से जींद जिले के किसान डटे हुए हैं, उससे किसानों की जीत तय है। इनेलो नेता व पूर्व विधायक अभय चौटाला ने भी किसानों के समर्थन में जींद से सिंघु बॉर्डर तक यात्रा शुरू की। रेवाड़ी के खेड़ा बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में प्रत्येक दिन बावल चौरासी खाप से 11-11 लोग जाएंगे। झज्जर के डीघल टोल प्लाजा को किसानों ने फ्री करवा रखा है। क्षेत्र से किसान ट्रैक्टर लेकर टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे। नौल्था गांव में 12 गांवों की पंचायत हुई। दूसरी तरफ टोल प्लाजा से किसानों का दिल्ली की ओर कूच भी जारी है।
दो किसानों की मौत
बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर के पास दो मंगलवार को आंदोलनकारी किसानों की मौत हो गई। जिनमें एक किसान हरियाणा के कैथल जिला निवासी दिलीप सिंह (72) को सुबह अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। दूसरा किसान पंजाब के जिला संगरूर का निवासी संदीप (30) की मौत हो गई। किसानों के अनुसार हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।
रतनमान बोले, लंबे संघर्ष के लिए किसान रहें तैयार
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान मंगलवार को टोल प्लाजा पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि छह फरवरी को प्रदेशभर में चक्का जाम किया जाएगा। यमुनानगर होकर गुजरने वाले दोनों नेशनल हाईवे बंद रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन वर्ष 2024 तक भी चल सकता है। इसलिए किसान लंबे संघर्ष के लिए खुद को तैयार रखें। कुरूक्षेत्र में भी किसानों ने शहर में ट्रैक्टर मार्च निकाला। दूसरी तरफ टोल प्लाजा पर किसानों के बीच भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी भी पहुंचे और छह फरवरी के चक्का जाम को लेकर रणनीति तैयार की गई।