हरियाणा के जिला भिवानी के बहल में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले इलाके के किसानों ने सोमवार को तहसील परिसर पर धरना दिया।
किसानों ने इलाके के विभिन्न गांवों में वर्ष 2012 में रबी फसल के नुकसान के बाद मुआवजे में बरती अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई।
किसानों ने कहा कि सरकार बिजली के बिलों को सही करवाए और गांवों में पिलर बाक्स प्रणाली को बंद करें।
इलाके के सैकड़ाें किसान सुबह दस बजे अनाज मंडी परिसर में एकत्रित हुए। किसानों ने समस्याओं के समाधान के लिए तहसील परिसर के बाहर करीब चार घंटे तक धरना दिया।
किसानों ने कहा कि रबी फसल 2012 के लिए जो मुआवजा आया था, उसमें बंदरबांट हुई है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने अपने चेहते लोगों को मुआवजा दे दिया, जबकि असल हकदार किसानों को नजरअंदाज कर दिया।
इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
किसान सभा के बहल ब्लॉक प्रधान कैप्टन ईश्वर सिंह गोपालवास ने बताया कि नांगल और गारनपुरा गांव में मुआवजा वितरण में जो धांधली हुई है, उसकी सही जांच करवाई जाए।
इसके अलावा कासनी कलां गांव में रबी 2013 में ओले से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा गांव के पटवारी ने कुछ लोगों में बांट दिया, जबकि इसके पात्र लोगों की फसल सही दिखाकर मुआवजा नहीं दिया।
गोपालवास और हरियावास में वास्तविक नुकसान से काफी कम दिखाया गया है। किसानों ने प्रशासन और सरकार को छह जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
इस मौके पर धर्मपाल नंबरदार, दयाराम, शमशेर सिंह, कृष्ण कुमार, डॉ. बलबीर सिंह ठाकन, मांगेराम, भगवान सिंह, श्रीकांत शर्मा, प्रताप सिंंह मौजूद थे। धरने की अध्यक्षता पूर्व कप्तान ईश्वर सिंह ने की, जबकि संचालन सुशील कुमार नांगल ने किया।