पिलर बॉक्स योजना में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले ने बिजली निगम अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की लताड़ के बाद मुख्यालय के अधिकारियों ने शुक्रवार को जिले में पिलर बॉक्स योजना का कांट्रेक्ट रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही कंपनी का भुगतान भी रोक दिया गया है। बिजली निगम मुख्यालय ने ई-मेल कर एसई आरएस यादव को यह निर्देश दिए। एक के बाद एक पिलर बॉक्स योजना में घोटालों की खुलती परत के बाद बिजली निगम मुख्यालय ने योजना को रद्द करने का निर्णय लिया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, घोटाले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन भी किया जा रहा है। टीम मामले में सामने आए बिजली अधिकारियाें और कंपनी के अधिकारियों के खातों की जांच करेगी। निरीक्षण के दौरान टीम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए वर्क ऑर्डर के लिए भी खातों को खंगालेगी।
गौरतलब है कि योजना संबंधित काम ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में अधिक किए गए हैं। योजना में करीब 65 करोड़ रुपये का घपला सामने आया है, जिसके बाद बिजली निगम मुख्यालय जांच कर रहा है। इस बारे में एसई आरएस यादव ने बताया कि मुख्यालय से जैसे निर्देश प्राप्त होंगे, वैसी कार्रवाई की जाएगी।