हरियाणा के पानीपत में गांव बुडशाम और नारायणा के बीच रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे अनियंत्रित होकर एक आई-20 कार नहर में जा गिरी। एक राहगीर महिला ने पुलिस कंट्रोल रूम डॉयल 112 पर हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोर व हाईड्रा को बुलाने के लिए कॉल किया गया। दो घंटे बीत जाने के बाद भी गोताखोर नहीं पहुंचे तो ग्रामीण खुद नहर में उतर गए। हाईड्रा की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला, गाड़ी के अंदर एक युवक का शव मिला है, जिसकी शनाख्त में पुलिस की टीम जुट गई है।
ग्रामीणों के अनुसार एक राहगीर महिला ने डॉयल 112 पर सूचना दी थी, जिसके तुरंत बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। सामान्य अस्पताल की एक एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन गोताखोर न पहुंचने की वजह से अभियान शुरू न हो सका। रात करीब नौ बजे ग्रामीण खुद ही नहर में उतरे और हाईड्रा की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला।
गाड़ी के अंदर एक युवक का शव मिला है। जिसको निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया और मृतक की शनाख्त में जुट गई है। हादसे का कारण आंधी बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है तेज आंधी होने की वजह से धूल-मिट्टी उड़ रही थी। जिस वजह राहगीरों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। आशंका है कि दिखाई न देने की वजह से गाड़ी चालक का संतुलन बिगड़ा और वह नहर में जा गिरे।
जब तक गोताखोर पहुंचे, तब तक ग्रामीण निकाल चुके थे शव
उपरोक्त मामले में गोताखोरों की लापरवाही देखने को मिली है। पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही सरकारी गोताखोर की टीम को हादसे की सूचना दे दी थी, लेकिन दो घंटे तक कोई नहीं पहुंचा। गोताखोर की टीम तब पहुंची, जब ग्रामीण खुद नहर से शव और गाड़ी दोनों को निकाल चुके थे।
ग्रिल न लगने से हो रहे हादसे, सप्ताह में दूसरा हादसा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नहर किनारे ग्रिल नहीं है, जिस वजह आए दिन उपरोक्त हादसे हो रहे है। सप्ताह में यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले 24 मई को नहर में एक वरना गाड़ी गिर गई थी, जिसमें दो युवती और एक युवक सवार था। जिनमें एक युवती की मौत हो गई थी। प्रशासन को नहर किनारे ग्रिल लगानी चाहिए, जिससे हादसों पर रोक लग सकती है।