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Panipat News: यमुना का जलस्तर हुआ कम, ग्रामीणों ने जताई चिंता

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सनौली। यमुना नदी में पिछले करीब एक सप्ताह से जलस्तर बहुत तेज घट गया है। अब सनौली घाट पुल के पास नाममात्र ही पानी चल रहा है। इससे आसपास के एक दर्जन गांवों के लोगों ने चिंता जाहिर की है। इन गांवों के लोगों के मवेशी इसी पानी पर निर्भर होते हैं। वहीं पानी कम होने से अमावस्या व अन्य दिनों में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों व यमुना सुधार समिति ने सरकार से जल स्तर बढ़ाने की मांग की है।
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गौरतलब है कि यमुना बारिश के दिनों में खतरे के निशान तक पहुंच गई थी। अब इसमें नाममात्र का पानी बह रहा है। यमुना पुल स्थित मंदिर के पुजारी सुभाष गिरी महाराज का कहना है कि यदि इसी तरह से पानी घटता रहा तो करीब एक सप्ताह में यमुना में नाम मात्र के पानी का बहाव रह जाएगा। जबकि यमुना के पानी पर ही इसके आसपास के क्षेत्र में रहने वाले हिरण व नील गाय सहित अन्य जीव जंतु निर्भर रहते हैं। इसके अलावा यमुना नदी में पानीपत जिला से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अमावस्या व पूर्णिमा और हर रविवार को सनौली घाट पर स्नान करते हैं।

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समिति और सरपंच लामबंद हुए
यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट रतन सिंह रावल और आधा दर्जन गांवों के सरपंच यमुना में पानी छोड़ने की मांग को लेकर लामबंद हो गए हैं। राणा माजरा गांव के सरपंच प्रतिनिधि खुर्शीद अहमद, सनौली खुर्द के सरपंच संजय त्यागी, अधमी के सरपंच दलबीर रंगा व रिशपुर के सरपंच राजदीप सिंह, रामड़ा-आर सरपंच ‎प्रदीप कुमार ने कहा कि यमुना नदी में हथनी कुंड बैराज से ज्यादा पानी छोड़ा जाएं, ताकि यमुना में पानी चलता रहे। उन्होंने कहा कि यमुना के आसपास के करीब दो दर्जन गांव के ग्रामीण अपने पशुओं को पानी पिलाने के लिए यमुना में लेकर जाते है और यमुना में पानी ही नहीं होगा तो उनके पशुओं के पानी को लेकर संकट आ जाएगा
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फसलों को लेकर किसान चिंतित
यमुना में जलस्तर कम होने से यमुना तटबंध के किसान चिंतित हैं। यमुना में पानी चलता रहे तो जमीन में उसकी नमी से किसानों को अपनी फसल में पानी कम देना पड़ता है। किसान अजीत सिंह और अमृतपाल ने बताया कि यमुना सूख जाएगी तो किसानों को ज्यादा पानी देना पड़ेगा। किसानों को इसके लिए इंजन वाले ट्यूबवेल लगाने पड़ेंगे।
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