संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में लगातार बारिश से यमुना फिर उफान पर है। सोमवार की शाम को पानी खतरे के निशान 231.50 मीटर के पास पहुंच गया। वहीं रात को पानी खतरे के निशान को पार कर गया। प्रशासन व सिंचाई विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 12 पोपलेन और जेसीबी दूसरे जिलों से मंगवा ली हैं।
जिला परिषद की सीईओ और समालखा एसडीएम अमित कुमार ने अलग-अलग समय में यमुना का दौरा किया। अधिकारियों ने राणा माजरा गांव से हरिद्वार हाईवे पर बने यमुना पुल तक तटबंध को देखा। तटबंध की निगरानी की जा रही है। वहीं रहीमपुर खेड़ी गांव से जिले का फिर से संपर्क कट गया है। यह गांव यमुना की तलहटी में बसा है। करीब 15 हजार एकड़ फसल डूब गई है।
यमुना में हथिनीकुंड बैराज से रविवार को छोड़ा गया पानी सोमवार दोपहर तक पानीपत पहुंचना शुरू हो गया। दोपहर को पानी चेतावनी स्तर 231 मीटर के पास रहा। तटबंध की निगरानी के लिए प्रशासन व सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने जेई व बेलदारों की कई टीम यमुना तटबंध पर तैनात कर दी हैं। सनौली व बापौली खंड के बीडीपीओ कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया है। बीडीपीओ के माध्यम से यमुना के आसपास के गांव में मुनादी कराकर किसानों को खेतों में ना जाने की सलाह दी गई है। ग्राम सचिव व पटवारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि पानीपत जिला में बाढ़ बचाओ प्रबंधन के तहत सभी प्रबंध किए गए हैं। गांव नवादा-आर के पास 11 जुलाई को टूटे तटबंध के पास तक भी पानी पहुंच गया है। यहां कई पोपलेन व जेसीबी को खड़ा किया है।
ग्रामीण सुरेश, बलवान, कृष्ण, महबुब, सलीम, सुरेशपाल व सुमित कुमार ने बताया कि जिस तरह से 1978 व 2023 में यमुना में पानी आने से तटबंध टूट गया था, इस बार भी हथिनीकुंड से उसी तरह से पानी छोड़ा जा रहा है। इसलिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहना होगा।
हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी
हथिनीकुंड बैराज से रविवार की रात को एक बजे 79618 क्यूसेक, 2 बजे 83793 क्यूसेक, 3 बजे 93848 क्यूसेक, सोमवार तड़के सुबह 4 बजे 165512 क्यूसेक, 5 बजे 210359 क्यूसेक, 6 बजे 238748 क्यूसेक, 7 बजे 272642 क्यूसेक, 8 बजे 311029 क्यूसेक, 9 बजे 329313 क्यूसेक, 10 बजे 321653 क्यूसेक, 11 बजे 319367 क्यूसेक दोपहर को 12 बजे 323180 क्यूसेक, दोपहर बाद एक बजे 322416, दो बजे 303519, तीन बजे 296810, चार बजे 293848 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सोमवार पांच बजे 292365, छह बजे 263317 और सात बजे 261180 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इन गांवों में डूबी फसल
यमुना में पानी आने पर करीब 15 हजार एकड़ फसल डूब गई है। गांव राणा माजरा, पत्थरगढ़, नवादा आर, नवादा पार, गढ़ी बेसिक, जलालपुर, तामशाबाद, सनौली खुर्द, रामड़ा आर, नन्हेड़ा, रिशपुर, अधमी, जलमाणा, गोयला खुर्द, मिर्जापुर, गोयला कलां व खोजकीपुर गांव इनमें प्रमुख हैं। इन गांवों में गन्ने, ज्वार, ढैंचा, घीया, मिर्च व बैंगन की फसलों में पानी भर गया है। किसान राजेश, सोनू, विनाेद, सुभाष, सुनील, नरेश, मनोहर, समसाद, सुखपाल आदि का कहना है कि ट्यूबवेल की मोटर व इंजन समेत कृषि उपकरण भी फसल के साथ डूबे हैं।
यमुना में आया तेज पानी। संवाद- फोटो : संवाद
यमुना में आया तेज पानी। संवाद- फोटो : संवाद
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यमुना में आया तेज पानी। संवाद- फोटो : संवाद
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